सारंगढ़ - बिलाईगढ़

प्रतिभा का संगम : ‘मिस्टर छत्तीसगढ़’ राजेश पप्पू नायक की तूलिका से जीवंत हो रही है प्रकृति…

सारंगढ़। कला जब संवेदना से मिलती है, तो वह केवल चित्र नहीं रहती बल्कि एक जीवंत संवाद बन जाती है। सारंगढ़ के सुप्रसिद्ध समाजसेवी और बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी राजेश पप्पू नायक इन दिनों अपनी विलक्षण चित्रकारी (पेंटिंग्स) को लेकर कला जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी कृतियाँ इतनी सजीव हैं कि उन्हें देखकर आभास होता है मानो कैनवस पर उकेरे गए पात्र अभी बोल उठेंगे।

कैनवस पर भावनाओं का अनूठा संसार : ​राजेश नायक की कलाकृतियों में प्रकृति के प्रति उनका गहरा प्रेम स्पष्ट झलकता है। जहाँ उनकी पेंटिंग्स में हिरण की सौम्यता और मासूमियत मन मोह लेती है, वहीं बाघ की आँखों में दिखने वाली तीक्ष्णता और तेज दर्शकों को अचंभित कर देता है। रंगों का सूक्ष्म चयन और भावों का सटीक संयोजन उनकी कला को एक अलग ऊंचाई प्रदान करता है।

कठोर व्यक्तित्व में छिपी कोमल संवेदना : राज्य स्तर पर अपनी शारीरिक सौष्ठव के लिए ‘मिस्टर छत्तीसगढ़’ और ‘स्टील बॉडी’ के रूप में पहचान बनाने वाले राजेश नायक के भीतर एक अत्यंत कोमल और संवेदनशील कलाकार का हृदय बसता है। वे न केवल रंगों के जादूगर हैं, बल्कि :

  • संगीत साधक : गिटार वादन और गायन में भी उन्हें महारत हासिल है।
  • समाजसेवी : वे समाजसेवा के कार्यों में सदैव तत्पर रहते हैं, जिससे वे नगरवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

सारंगढ़ की कलात्मक धरोहर : स्थानीय नागरिकों और कला प्रेमियों का मानना है कि राजेश नायक ने अपनी विविध प्रतिभाओं के माध्यम से सारंगढ़ शहर का गौरव बढ़ाया है। उनकी पेंटिंग्स आज आम जनमानस के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जो यह सिद्ध करती हैं कि एक कलाकार अपनी मेहनत और कल्पनाशीलता से बेजान कैनवस में भी प्राण फूंक सकता है।

“राजेश पप्पू नायक की कला यह संदेश देती है कि अनुशासन और संवेदनशीलता का समन्वय ही वास्तविक रचनात्मकता है।”

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!