जशपुर

CRIME SPECIAL: जशपुर में जिसे हादसा समझ रही थी दुनिया, वह निकली बेरहम हत्या; शराब की महफिल में दोस्त ही बना दोस्त का काल…

जशपुर। जिले की शांत इब नदी की लहरों में छिपे एक खौफनाक राज का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। 20 जनवरी को सोनक्यारी क्षेत्र के ग्राम सरडीह में जिस 60 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिला था, उसकी मौत पानी में डूबने से नहीं, बल्कि बेرحमी से की गई पिटाई से हुई थी। पुलिस ने महज कुछ ही घंटों की विवेचना में इस “ब्लाइंड मर्डर” (अंधे कत्ल) की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक के 28 वर्षीय सहकर्मी सुबोध बेक को गिरफ्तार कर लिया है।

वो काली रात : 19 जनवरी की शाम क्या हुआ? – घटना की शुरुआत 19 जनवरी 2026 को हुई। ग्राम सरडीह निवासी 60 वर्षीय रामचंद्र राम दोपहर 2 बजे घर से खाना खाकर निकले थे। उन्होंने पत्नी को बताया था कि वे इब नदी के घोघरा पुलिया की तरफ जा रहे हैं। शाम ढली, रात हुई, लेकिन रामचंद्र घर नहीं लौटे।

परेशान पत्नी गंजो बाई और परिजनों ने रात भर इंतजार किया। अगली सुबह (20 जनवरी) जब वे खोजबीन करते हुए नदी की ओर गए, तो वहां का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रामचंद्र का शव नदी के पानी में पड़ा था। प्रथम दृष्टया परिवार और पुलिस को लगा कि शायद पैर फिसलने से बुजुर्ग नदी में गिर गए और डूबने से मौत हो गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने घुमा दी पूरी कहानी : पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। यहीं से केस में नया मोड़ आया। डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि यह सामान्य मौत नहीं है, बल्कि मृत्यु का कारण ‘हत्यात्मक’ (Homicidal) है। मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। रिपोर्ट आते ही सोनक्यारी पुलिस हरकत में आई और अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया।

सुराग की तलाश और ‘ट्रैक्टर चालक’ की गवाही : चूंकि कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, पुलिस ने “सर्कमस्टेंशियल एविडेंस” (परिस्थितिजन्य साक्ष्य) पर काम शुरू किया। पुलिस ने मृतक के दोस्तों और सहकर्मियों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस को एक ट्रैक्टर चालक मिला, जो उसी पत्थर खदान में काम करता था जहाँ मृतक और आरोपी काम करते थे।

ट्रैक्टर चालक ने पुलिस को बताया, “19 जनवरी की शाम मैंने, रामचंद्र राम और सुबोध बेक ने नदी किनारे साथ बैठकर शराब पी थी। मुझे काम था तो मैं वहां से चला आया, लेकिन रामचंद्र और सुबोध वहीं बैठकर पी रहे थे।”

​यही बयान सुबोध बेक के गले की फांस बन गया। पुलिस को पता चल चुका था कि मृतक को आखिरी बार सुबोध के साथ ही देखा गया था।

आरोपी का कबूलनामा : नशे में हुआ विवाद – पुलिस ने ग्राम नगेड़ा पत्थर (वर्तमान निवासी सरडीह) के सुबोध बेक (28) को हिरासत में लिया। पहले तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से सख्ती दिखाई, तो वह टूट गया।

सुबोध ने बताया, “हम दोनों पत्थर खदान में काम करते थे। उस रात शराब पीने के बाद घर लौटते वक्त नशे में हमारी बहस हो गई। रामचंद्र ने मुझे पैर से एक लात मारी। मुझे इतना गुस्सा आया कि मैंने आपा खो दिया। मैंने उसे ताबड़तोड़ हाथ-मुक्कों से मारना शुरू कर दिया। मैंने उसके सीने और सिर पर इतने वार किए कि वह वहीं गिर पड़ा। उसे अधमरा छोड़कर मैं खदान भाग गया था।”

पुलिस टीम की शानदार सफलता : एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्यारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल को सुलझाने में एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सन्ना संतोष सिंह, चौकी प्रभारी सोनक्यारी वैभव सिंह, प्रधान आरक्षक रामदेव राम, विशाल गुप्ता, विजय खूंटे, आरक्षक विमल मिंज और मनोज एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

शराब का नशा एक बार फिर हंसते-खेलते परिवार की बर्बादी का कारण बना। एक मामूली विवाद ने जहाँ 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान ले ली, वहीं 28 साल के युवक को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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