किरोड़ीमल नगर में खूनी संघर्ष : पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला करने वाले झारखंड के 8 ‘बाहरी’ मजदूर गिरफ्तार…

रायगढ़। कोतरारोड़ पुलिस ने किरोड़ीमल नगर में पिता-पुत्र पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जबरन काम कराने का दबाव बनाने और मना करने पर हत्या की नीयत से हमला करने वाले गैलवे कंपनी के 8 श्रमिकों को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के उपद्रवी तत्वों में हड़कंप मच गया है।
विवाद की जड़ : जबरन काम का दबाव और गुंडागर्दी – घटना 4 जनवरी की दोपहर की है। वार्ड क्रमांक 09, उच्चभिट्ठी रोड निवासी गोविंद राम नेताम का पुत्र छवि नेताम जब घर लौटा, तो वह डरा-सहमा था। उसने बताया कि गैलवे कंपनी के लिए काम करने वाले कुछ बाहरी मजदूर उस पर साथ काम करने का अवैध दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर उन मजदूरों ने गाली-गलौज और मारपीट की।
बंधक बनाकर किया जानलेवा हमला – जब पीड़ित गोविंद राम अपने बेटे के साथ समझाइश देने आरोपियों के ठिकाने पर पहुँचे, तो आरोपियों ने दुस्साहस दिखाते हुए ‘महाराजा गेट’ बंद कर दिया। पिता-पुत्र को बंधक बनाकर उन पर लात-घूंसों और डंडों से हमला कर दिया गया।
- मुख्य आरोपी : बुधमन उरांव ने गोविंद राम के सिर पर डंडे से ताबड़तोड़ वार किया, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
- बचाव : गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्र किसी तरह जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे।
पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : 24 घंटे के भीतर सभी आरोपी दबोचे गए – थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में कोतरारोड़ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर सभी 8 आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण : ये सभी आरोपी झारखंड के निवासी हैं और वर्तमान में बद्रिकाबाई चंद्रा के मकान में किराये पर रह रहे थे:
- बुधमन उरांव (40 वर्ष)
- अशोक उरांव (24 वर्ष)
- कार्तिक उरांव (25 वर्ष)
- प्रकाश गोप (19 वर्ष)
- मनोज उरांव (19 वर्ष)
- मंगलदीप उरांव (26 वर्ष)
- अरुण करमाली (19 वर्ष)
- दीपक उरांव (19 वर्ष)
“कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। बाहरी श्रमिकों के रिकॉर्ड और उनकी गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है।”
कोतरारोड़ पुलिस प्रशासन




