खाकी का ‘रुद्र रूप’ : तमनार में वर्दी पर हाथ डालने वाले का सरेराह निकाला जुलूस, चेहरे पर लिपस्टिक और चप्पलों की माला… गिड़गिड़ाता रहा दरिंदा!…

रायगढ़: कानून को ठेंगे पर रखने वाले और खाकी की अस्मत से खेलने वालों को छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसी भाषा में जवाब दिया है, जो उन्हें समझ आती है। तमनार में महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ने और उसे बीच सड़क पर अर्धनग्न कर अपमानित करने वाले मुख्य आरोपी चित्रसेन साव का पुलिस ने ऐसा ‘इलाज’ किया कि देखने वालों की रूह कांप गई।
तमाशा कानून का नहीं, ‘अपराधी’ का हुआ! – महिला थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को कोर्ट ले जाते समय सिग्नल चौक पर उसका ‘विशिष्ट जुलूस’ निकाला।
- बेइज्जती का तिलक : आरोपी के चेहरे पर लिपस्टिक पोत दी गई।
- जूतों का सत्कार : गले में चप्पलों की भारी माला डाली गई।
- गुनाहों का प्रायश्चित : बीच सड़क पर उठक-बैठक कराई गई।
- अहंकार का अंत : कांपती आवाज में आरोपी चिल्ला रहा था— “पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है!”
ममता और मर्यादा को तार-तार करने वाला वह 40 सेकंड का ‘पाप’ : 27 दिसंबर को लिबरा चौक पर जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया था।
”भाई मुझे माफ कर दो, मुझे छोड़ दो…”
ये शब्द उस बेबस महिला आरक्षक के थे, जिसके कपड़े उग्र भीड़ ने फाड़ दिए थे। वह हाथ जोड़कर अपनी मर्यादा की भीख मांग रही थी, लेकिन चित्रसेन और उसके साथियों ने न केवल उसका वीडियो बनाया, बल्कि उसे अर्धनग्न कर हंसी ठिठोली की। तमनार TI कमला पुषाम को लातों से पीटा गया। खाकी को लगी हर लात और महिला आरक्षक का हर आंसू आज आरोपियों की इस जिल्लत का कारण बना है।
पाताल से ढूंढ निकाले गए दरिंदे : पुलिस ने चुन-चुनकर आरोपियों को दबोचा है। अब तक चित्रसेन साव, मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं। एक और आरोपी बाकी है, जिसके लिए दबिश दी जा रही है।
आगजनी और उत्पात का अंत : JPL कोल ब्लॉक की जनसुनवाई के विरोध की आड़ में इन दंगाइयों ने :
- पुलिस की बस और एम्बुलेंस फूंकी।
- जिंदल प्लांट में घुसकर आगजनी और तोड़फोड़ की।
- कलेक्टर और SP पर पथराव किया।
सीधा संदेश : पुलिस ने साफ कर दिया है कि वर्दी पर हाथ डालने का अंजाम क्या होता है। आरोपी आज उसी सड़क पर रेंगते नजर आए, जहाँ कल वे सीना तानकर तांडव कर रहे थे।
महिला थाना प्रभारी का कड़ा संदेश : “वर्दी के पीछे एक इंसान और एक महिला होती है। जिसने मर्यादा लांघी है, उसे कानून ऐसा सबक सिखाएगा कि सात पीढ़ियां याद रखेंगी।”
पूर्व में प्रकाशित खबर :





One Comment