तमनार कांड : इंसाफ की मांग को लेकर जेल के गेट पर भिड़ीं महिला पुलिसकर्मी, भारी हंगामे के बाद आरोपी जेल दाखिल…

रायगढ़। तमनार में एक महिला पुलिस आरक्षक के साथ हुई बर्बर मारपीट के मामले में पुलिसिया कार्रवाई और सहकर्मियों के आक्रोश ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को जब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को जिला जेल दाखिल करने पहुँची, तो वहाँ तैनात और शहर की अन्य महिला आरक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। जेल के मुख्य द्वार पर घंटों चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद स्थिति को मुश्किल से नियंत्रित किया जा सका।
घटनाक्रम : वायरल वीडियो और गिरफ्तारी – मामले की शुरुआत तमनार क्षेत्र में हुई, जहाँ ड्यूटी पर तैनात एक महिला आरक्षक के साथ मंगल राठिया (उर्फ करम) और चीनेश खम्हारी (दोनों निवासी आमगांव) ने न केवल बदसलूकी की, बल्कि मारपीट भी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पुलिस विभाग की काफी किरकिरी हुई। मीडिया के बढ़ते दबाव और विभाग के अंदरूनी असंतोष को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

जेल के गेट पर प्रदर्शन : ‘हमें सौंप दो आरोपी’ – असली हंगामा तब शुरू हुआ जब आरोपियों को जेल ले जाया जा रहा था। अपनी साथी के साथ हुई बदसलूकी से आहत दर्जनों महिला आरक्षक जेल परिसर पहुँच गईं और पुलिस वैन को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
- महिला पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोक दी और आरोपियों को उनके सामने पेश करने की मांग की।
- नाराज महिला कर्मियों का कहना था कि आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकाला जाना चाहिए ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।
- हंगामे के दौरान महिला आरक्षकों और ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
वर्दी का सम्मान बनाम कानूनी प्रक्रिया – यह मामला छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए एक चुनौतीपूर्ण मोड़ है। जहाँ एक तरफ विभाग अपनी महिला कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कानून की मर्यादा को बनाए रखना भी उसकी प्राथमिकता है। हालांकि, इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अब स्वयं पुलिस बल के भीतर से भी “जीरो टॉलरेंस” की मांग उठने लगी है।
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