धान खरीदी पर ‘ब्रेक’ : नवापारा में फूटा किसानों का गुस्सा, घंटों चक्काजाम से थमी राह…

घरघोड़ा (रायगढ़): जब पसीने से सींची फसल को बेचने की बारी आई, तो नियमों की बेड़ियों ने किसानों का रास्ता रोक दिया। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक अंतर्गत नवापारा टेंडा में उस समय हड़कंप मच गया, जब अनवरी रिपोर्ट (राजस्व रिकॉर्ड) की विसंगतियों से नाराज तीन गांवों के किसानों ने सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया।
सड़क पर संग्राम : 2 घंटे तक लगा रहा वाहनों का रेला – छोटे गुमड़ा, बड़े गुमड़ा और नवापारा के लगभग 70-80 किसानों ने नवापारा-घरघोड़ा मुख्य मार्ग पर मंडी के सामने चक्काजाम कर दिया। किसानों के अचानक सड़क पर बैठने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया। कड़कड़ाती धूप और अपनी उपज को लेकर अनिश्चितता के बीच किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विवाद की जड़ : ‘खेत में धान ज्यादा, कागज पर कम’ – आंदोलनकारी किसानों का सीधा आरोप है कि अनवरी रिपोर्ट में उनकी उपज का आंकलन वास्तविक पैदावार से काफी कम किया गया है।
- किसानों का तर्क : “खेतों में धान की पैदावार अधिक हुई है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से तय मात्रा से ज्यादा धान नहीं खरीदा जा रहा।”
- आर्थिक संकट : किसानों का कहना है कि अगर उनकी पूरी उपज नहीं खरीदी गई, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा और मेहनत की कमाई कौड़ियों के दाम बिचौलियों को बेचनी पड़ेगी।
प्रशासनिक दखल के बाद खुला जाम – तनाव की स्थिति को देखते हुए घरघोड़ा तहसीलदार मनोज कुमार गुप्ता और नायब तहसीलदार सहोदर राम पैंकरा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना और समिति प्रबंधन को कड़ी हिदायत दी।
“किसानों की शिकायत जायज है। हमने उन्हें आश्वस्त किया है कि अब भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के आधार पर उनकी वास्तविक उपज की खरीदी की जाएगी। उच्च अधिकारियों को भी इस स्थिति से अवगत करा दिया गया है।” मनोज कुमार गुप्ता, तहसीलदार, घरघोड़ा
बड़ा आश्वासन : अब ‘सत्यापन’ बनेगा आधार – प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि केवल कागजों के आधार पर नहीं, बल्कि मौके पर जाकर फसल की स्थिति देखने के बाद खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। इस आश्वासन के बाद करीब दो घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका।




