शासकीय हाई स्कूल में गरिमामय समारोह : मंत्री प्रतिनिधि ने दिए संस्कार, तो टीआई ने सिखाया सुरक्षा का पाठ

• सरस्वती’ की सवारी से आसान हुई शिक्षा की राह, बुंदिया की 13 छात्राओं के चेहरे पर खिली मुस्कान…
सूरजपुर। बेटियां पढ़े और आगे बढ़ें, इसी उद्देश्य के साथ राज्य शासन द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी ‘सरस्वती साइकिल योजना’ ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की अलख जगा रही है। इसी कड़ी में भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदिया स्थित शासकीय हाई स्कूल में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें नवमीं कक्षा की 13 छात्राओं को निशुल्क साइकिल वितरित की गई। साइकिल मिलते ही छात्राओं के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे।
संस्कृति और संस्कारों का संगम : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री प्रतिनिधि ठाकुर प्रसाद राजवाड़े का विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक छत्तीसगढ़ी नृत्य और फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। छात्राओं ने छत्तीसगढ़ी गीतों के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन कर माहौल को उल्लास से भर दिया।
अपने उद्बोधन में श्री राजवाड़े ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों पर भी जोर दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा, “शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। बच्चों को प्रतिदिन माता-पिता का सम्मान करना चाहिए और परिवार की एकता को बनाए रखना चाहिए।”
पुलिस की पाठशाला: छात्राओं को मिला सुरक्षा का मंत्र : इस कार्यक्रम की एक और विशेषता भटगांव थाना प्रभारी (टीआई) सरफराज फिरदौसी का उद्बोधन रही। उन्होंने छात्राओं को वर्तमान समय की चुनौतियों के प्रति जागरूक किया। टीआई ने बच्चों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए, साथ ही ‘गुड टच-बैड टच’, नशा मुक्ति और समाज में हो रहे अपराधों के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी। उनके संबोधन ने बच्चों में आत्म-सुरक्षा की भावना को प्रबल किया।
मील का पत्थर साबित हो रही योजना : साइकिल पाकर छात्राओं ने कहा कि पहले स्कूल आने-जाने में दूरी और साधनों की कमी एक बड़ी बाधा थी, लेकिन अब वे नियमित रूप से स्कूल आ सकेंगी और अपने सपनों को पूरा करेंगी।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश गुप्ता, मंडल महामंत्री संतलाल प्रजापति, ग्राम पंचायत के सरपंच-उपसरपंच, स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस योजना को बालिका शिक्षा के लिए एक सशक्त कदम बताया।




