रायगढ़

रायगढ़ में नेशनल लोक अदालत की ऐतिहासिक सफलता : एक ही दिन में 7.19 लाख प्रकरणों का निराकरण, 38 करोड़ से अधिक राशि का हुआ सेटलमेंट…

रायगढ़। न्याय की आस लगाए हजारों पक्षकारों के लिए शनिवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में आयोजित ‘नेशनल लोक अदालत’ ने सफलता के नए कीर्तिमान रचे। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित इस महाअभियान में आपसी सुलह और राजीनामे के आधार पर 7 लाख 19 हजार 171 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 38 करोड़ 83 लाख रुपये से अधिक का सेटलमेंट हुआ।

शुभारंभ और आयोजन : कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री जितेन्द्र कुमार जैन ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिले भर में न्याय त्वरित गति से सुलभ कराने के लिए जिला मुख्यालय रायगढ़ सहित तहसील सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया, भटगांव और बिलाईगढ़ में कुल 26 खंडपीठों का गठन किया गया था। इसमें दीवानी, फौजदारी, राजस्व और परिवार न्यायालय समेत सभी प्रकार के न्यायालय शामिल थे।

आंकड़ों में सफलता की कहानी – लोक अदालत में कुल 8,13,608 प्रकरण (लंबित और प्रीलिटिगेशन) सुनवाई के लिए रखे गए थे। न्यायाधीशों और खंडपीठ के सदस्यों के प्रयासों से इनमें से लगभग 88% मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया।

  • लंबित प्रकरण : 6,992 निराकृत
  • प्रीलिटिगेशन प्रकरण : 7,12,179 निराकृत

​इन मामलों में मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, श्रम विवाद, बिजली बिल, और यातायात चालान जैसे मामले प्रमुख थे।

जब लोक अदालत ने जोड़े टूटे रिश्ते (सक्सेस स्टोरी) – इस लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि रही बिखरते परिवारों को फिर से जोड़ना। प्रधान जिला न्यायाधीश और उनकी टीम की समझाइश ने कई घरों को टूटने से बचाया :

  • पति-पत्नी हुए एक : निर्मल इजारदार और श्रीमती उषा इजारदार के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण तलाक की नौबत आ गई थी। लोक अदालत में न्यायाधीश की समझाइश और प्रेरणा से दोनों ने गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला किया और हंसते-खेलते घर लौटे।
  • बच्चों को मिला पिता का साया : सुभा नवीन विरुद्ध नंदकिशोर मामले में तीन बच्चों के संरक्षण को लेकर विवाद चल रहा था। न्यायाधीश की पहल पर पिता ने बच्चों की जिम्मेदारी स्वीकार की और परिवार के सुखमय भविष्य के लिए राजीनामा किया।

इनकी रही सहभागिता : इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में जिला न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष व अधिवक्तागण, बैंक व बिजली विभाग के अधिकारी, पैरालीगल वॉलिंटियर्स और न्यायालयीन कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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