रायगढ़ : निजी स्कूलों की ‘लूट’ पर सर्जिकल स्ट्राइक! कलेक्टर का खुला अल्टीमेटम!…

• “स्कूल है या दुकान?” – कलेक्टर ने तोड़ी निजी स्कूलों की कमर! अब नहीं चलेगी महंगी किताबों की मनमानी!…
रायगढ़। जिले में शिक्षा के नाम पर चल रहे ‘कमीशन के खेल’ पर आज जिला कलेक्टर ने बुलडोजर चला दिया है! शहर के तीन बड़े प्रतिष्ठित स्कूलों – कार्मेल कॉन्वेंट, सेंट टेरेसा और विद्या विकास कॉन्सेप्ट स्कूल -को कलेक्टर ने ऐसा नोटिस थमाया है कि शिक्षा माफियाओं के पसीने छूट गए हैं।
क्या है पूरा मामला? – लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि ये स्कूल पालकों को एक “विशिष्ट दुकान” से ही महंगी किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे। शिक्षा के मंदिर को मुनाफाखोरी का अड्डा बना दिया गया था। लेकिन अब यह खेल खत्म!

कलेक्टर का ‘फरमान’ नहीं, यह चेतावनी है : कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट शब्दों में तीन कड़े आदेश जारी किए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर सीधे स्कूल पर ताला लग सकता है:
- प्राइवेट पब्लिशर्स की छुट्टी : आगामी सत्र से स्कूल में सिर्फ और सिर्फ NCERT या SCERT की किताबें ही पढ़ाई जाएंगी। हजारों रुपये की प्राइवेट किताबें अब रद्दी हैं!
- स्कूल प्रांगण में ‘बाजार’ बंद : स्कूल के अंदर किताबें या यूनिफॉर्म बेचना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है। स्कूल को दुकान बनाना अब भारी पड़ेगा।
- फिक्स दुकान का खेल खत्म : पालकों को किसी “खास दुकान” से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
…तो रद्द हो जाएगी मान्यता!
कलेक्टर ने साफ लफ्जों में लिख दिया है—“भविष्य में शिकायत मिली, तो आपकी मान्यता समाप्ति हेतु अग्रसर हुआ जायेगा।”
यानी अगर अब भी मनमानी की, तो स्कूल चलाना मुश्किल हो जाएगा!
पालकों के लिए बड़ी जीत : इस आदेश से अभिभावकों की जेब पर पड़ने वाला हजारों रुपये का बोझ अब कम होगा। यह खबर सिर्फ इन तीन स्कूलों के लिए नहीं, बल्कि जिले के समस्त अशासकीय विद्यालयों के लिए एक खतरे की घंटी है।




