जंगल में ‘खूनी पार्टी’ : मरीज ले जाने की होड़ में एम्बुलेंस चालक के कान पर चाकू से वार, पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को सिखाया कानून का पाठ!…

रायगढ़ । जीवन रक्षक कहे जाने वाले एम्बुलेंस चालकों के बीच ‘धंधे की होड़’ ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। चक्रधरनगर के जंगलों में आयोजित एक पार्टी उस वक्त जंग का मैदान बन गई, जब 108 एम्बुलेंस के चालक पर प्राइवेट एम्बुलेंस संचालकों ने सब्जी काटने वाले चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।
मामला इतना गंभीर था कि पीड़ित का कान बुरी तरह जख्मी हो गया। लेकिन, चक्रधरनगर पुलिस ने भी अपनी मुस्तैदी साबित करते हुए कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं, यह 24 घंटे के भीतर दिखा दिया।
क्या हुआ था उस रात? – घटना 7 नवंबर की है। एमसीएच के पीछे जंगल में चल रही पार्टी के दौरान प्राइवेट एम्बुलेंस चालक सैय्यद अंसारी और सरकारी एम्बुलेंस (108) चालक गिरजाशंकर लहरे के बीच ‘निशुल्क मरीज परिवहन’ को लेकर बहस छिड़ गई। बात गाली-गलौज से शुरू होकर चाकूबाजी तक पहुंच गई। सैय्यद और उसके साथी अब्दुल अंसारी ने गिरजाशंकर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
पुलिस का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : रिपोर्ट दर्ज होते ही थाना प्रभारी गेंदलाल साहू की टीम एक्शन मोड में आ गई। बीएनएस (BNS) की संगीन धाराओं (296, 351(3), 109(1)) के तहत अपराध दर्ज किया गया और महज 24 घंटे के भीतर गांधी नगर निवासी दोनों आरोपी— सैय्यद अंसारी (32) और अब्दुल अंसारी (25) को दबोच लिया गया। पुलिस ने वो चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। अब दोनों सलाखों के पीछे हैं।




