खरसिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: RTE के नाम पर 22.52 लाख की प्रतिपूर्ति राशि गबन का फर्जीवाड़ा उजागर, दंपती गिरफ्तार…

रायगढ़, 29 नवंबर। जिले के खरसिया पुलिस ने शिक्षा का अधिकार (RTE) योजना की आड़ में चल रहे एक संगठित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए सक्ती जिले के ग्राम अड़भार के घनश्याम टंडन और उसकी पत्नी शांति टंडन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई न केवल सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़े गंभीर अपराध को उजागर करती है, बल्कि RTE योजना के सुशासन और पारदर्शिता पर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करती है।
फर्जी स्कूल का संचालन कर रहे थे आरोपी : मामले का खुलासा तब हुआ जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खरसिया में पदस्थ सहायक ग्रेड–02 खिलावन बंजारे ने थाना खरसिया में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि दंपती द्वारा ग्राम बड़े देवगांव में “मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल बड़े देवगांव” नाम से एक अशासकीय स्कूल संचालित किए जाने का दावा किया जा रहा था, जबकि जांच में पाया गया कि गांव में इस नाम का कोई विद्यालय अस्तित्व में ही नहीं है।
घनश्याम टंडन स्वयं को विद्यालय संचालक और उसकी पत्नी को प्रधान पाठक दिखाकर 2020-21 से लगातार यह दर्शाते रहे कि विद्यालय नियमित रूप से संचालित है।
सरकारी स्कूल के बच्चों को अपने नाम दर्ज किया : जांच में यह तथ्य सामने आया कि दंपती ने फर्जी प्रवेश पंजी और उपस्थिति पंजियों में उन बच्चों के नाम दर्ज किए जो वास्तव में शासकीय स्कूल में पढ़ रहे थे। इन बच्चों को RTE के तहत प्रवेशित दिखाकर आरोपियों ने शुल्क और गणवेश प्रतिपूर्ति की पूरी राशि अपने निजी खातों में जमा करा ली।
22.52 लाख की राशि का गबन : वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 तक आरोपियों ने कुल ₹22,52,281 की प्रतिपूर्ति राशि शासन से प्राप्त कर गबन कर ली। जिला शिक्षा अधिकारी, रायगढ़ द्वारा राशि शासन के पक्ष में जमा करने का नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन दंपती ने न तो स्कूल के अस्तित्व का कोई प्रमाण दिया और न ही राशि लौटाई।
इसके बाद DEO कार्यालय के निर्देश पर थाना खरसिया में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया : खरसिया पुलिस ने शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 607/2025 दर्ज किया। आरोपियों पर BNS की धारा 318(4) और 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। दोनों को हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : इस पूरे ऑपरेशन में
- एसपी दिव्यांग पटेल,
- एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल
के मार्गदर्शन में - थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक राजेश जांगड़े,
- एएसआई उमाशंकर धृतांत
तथा उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
RTE प्रणाली में फर्जीवाड़े पर बड़ा सवाल : यह मामला उन कमजोरियों को रेखांकित करता है जिनका फायदा उठाकर कुछ लोग सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। फर्जी स्कूल, नकली उपस्थिति रजिस्टर और RTE की प्रतिपूर्ति राशि का गबन – यह पूरा प्रकरण शासन और शिक्षा विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी है कि निगरानी तंत्र को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।




