रायगढ़ का सनसनीखेज ब्लैकमेलिंग कांड! 21 साल के युवक को युवती ने बनाया शिकार – 18 हजार ऐंठे, शादी का दबाव, जान से मारने की धमकी – FIR दर्ज!…

रायगढ़। शहर में दोस्ती के नाम पर ब्लैकमेलिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कोतरा रोड निवासी 21 वर्षीय हिमांशु सिंह ने कोतवाली पुलिस से शिकायत की है कि एक युवती ने पहले दोस्ती कर पैसे ऐंठे, फिर शादी के नाम पर दबाव बनाकर उसे बर्बाद करने की धमकियां दे रही है।
दोस्ती का नकाब, ब्लैकमेलिंग की साजिश!
- हिमांशु अक्टूबर 2024 में टू-व्हीलर शोरूम में काम करता था।
- वहीं उसकी मुलाकात एक युवती से हुई, जिसने पहले से जानने का दावा कर दोस्ती की।
- धीरे-धीरे भरोसा जमाकर 18,000 रुपये नगद ले लिए।
- इसके बाद शुरू हुआ असली खेल – फोन और चैट के ज़रिए शादी का दबाव।
दोस्ती का नकाब, ब्लैकमेलिंग की साजिश!
- हिमांशु का आरोप: युवती ने अलग-अलग नंबरों से धमकाना शुरू किया।
- चेतावनी दी – “शादी करो वरना रेप केस में फंसा दूंगी, एसटी-एससी एक्ट लगवा दूंगी, जान से मरवा दूंगी!”
- यहां तक कि “पहचान वाले गुंडों” से घर तक पहुंचने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।
हिमांशु ने पुलिस को बताया –
“मैं डर के साए में जी रहा हूं, मेरे परिवार को भी खतरा है। कोई गलती नहीं की, सिर्फ दोस्ती थी…”
पीड़ित युवक ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपे हैं, जिनमें धमकियों के साफ सबूत मौजूद हैं।
कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4) के तहत FIR हुई है।
थाना प्रभारी का बयान –
“जांच तेज़ी से चल रही है, दोषी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।”
रायगढ़ में हड़कंप :
- मामला सामने आते ही शहर में हड़कंप।
- सोशल मीडिया पर चर्चा तेज़ – लोग इसे डिजिटल ब्लैकमेलिंग का खतरनाक ट्रेंड बता रहे हैं।
- आमजन पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक,
- “ऐसे मामलों में सबूत ही हथियार होते हैं।”
- चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, बैंक लेन-देन – सभी डिजिटल साक्ष्य दोषी को सजा दिलाने में अहम हैं।
पुलिस की अगली चाल :
- युवती की तलाश जारी।
- उसके इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों की जांच शुरू।
- गिरफ्तारी किसी भी वक्त हो सकती है।
बड़े सवाल :
- क्या रायगढ़ पुलिस पीड़ित को न्याय दिला पाएगी?
- कब तक दोस्ती और भरोसे के नाम पर लोग ब्लैकमेलिंग का शिकार बनते रहेंगे?
- क्या कानून ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कस पाएगा?