बिजली ट्रांसफार्मर ले उड़े चोर : डौंडी में मुर्गी फार्म के पास से 25 केवीए का बिजली ट्रांसफार्मर चोरी, पुलिस जांच में जुटी

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां चोरों ने बिजली विभाग को चूना लगाते हुए एक चालू ट्रांसफार्मर पर हाथ साफ कर दिया। डौंडी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम ठेमाबुजुर्ग में चोरों ने सुनियोजित तरीके से 25 केवीए क्षमता के बिजली ट्रांसफार्मर को चोरी कर लिया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और बिजली विभाग के अधिकारियों में भी चिंता का माहौल है।

मुर्गी पालन केंद्र के पास दिया गया घटना को अंजाम
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना ग्राम ठेमाबुजुर्ग में स्थित एक पोल्ट्री फार्म (मुर्गी पालन केंद्र) के नजदीक मुख्य सड़क के किनारे हुई है। चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए इस वारदात को अंजाम दिया। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, ट्रांसफार्मर के गायब होने का यह सिलसिला 1 नवंबर 2026 की रात लगभग 10 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर 2026 की सुबह 6 बजे के बीच का बताया जा रहा है। इतनी बड़ी मशीन को सुरक्षित तरीके से उखाड़कर ले जाना चोरों की शातिर कार्यशैली को दर्शाता है।

सुबह खुला राज, विभाग को हुई आर्थिक क्षति
रोजमर्रा की तरह जब सुबह के समय ग्रामीण और विभागीय लोग उस रास्ते से गुजरे, तो ट्रांसफार्मर अपनी जगह पर नहीं मिला। इसके बाद तुरंत विद्युत विभाग के मैदानी अमले को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर जब स्थिति का जायजा लिया गया, तो वहां सिर्फ ट्रांसफार्मर के अवशेष ही नजर आए। चोरी हुए इस 25 केवीए के ट्रांसफार्मर की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 30,000 रुपये आंकी गई है। इस नुकसान से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को सीधे तौर पर आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।

कनिष्ठ अभियंता की शिकायत पर डौंडी थाने में मामला दर्ज
घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के संबंधित कनिष्ठ अभियंता ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डौंडी थाने का रुख किया। थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अज्ञात चोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने विभाग की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दंड संहिता और संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

डौंडी थाना प्रभारी श्रीमती उमा ठाकुर ने बताया कि पुलिस टीम अब आसपास के इलाकों में सुराग तलाशने में जुटी है। इसके साथ ही, कबाड़ की दुकानों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि चोरी गए ट्रांसफार्मर या उसके पार्ट्स को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही अज्ञात आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी और उन्हें जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा। इस घटना के बाद से ग्रामीण इलाकों में बिजली संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।




