रायगढ़

‘मोदी जी को जन्मदिन का तोहफा’ : रायगढ़ जिले के पुसौर नगर पंचायत में भाजपा का ‘सेवा पखवाड़ा’ बना ‘इस्तीफा पखवाड़ा’, उपाध्यक्ष समेत 8 पार्षदों ने अपनी ही सत्ता की उतारी आरती!…

व्यंगबाण : ऋषिकेश मिश्रा (स्वतंत्र पत्रकार)

रायगढ़। एक तरफ पूरे देश में भाजपाई आलाकमान से लेकर मंडल स्तर के कार्यकर्ता तक ढोल-नगाड़े बजाकर, झाड़ू थामकर और फल बांटकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘सेवा एवं समर्पण पखवाड़ा’ का जयघोष कर रहे हैं; वहीं दूसरी तरफ रायगढ़ जिले के पुसौर में पार्टी के अपने ही सिपहसालारों ने संगठन को ऐसा ‘बर्थडे रिटर्न गिफ्ट’ दिया है कि जिले के नेताओं का हाजमा खराब हो गया है।

पुसौर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष समेत 8 निर्वाचित भाजपा पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपनी ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता को ‘अलविदा’ कहते हुए त्यागपत्र जिलाध्यक्ष अरुणधर दीवान की टेबल पर पटक दिया है। जश्न के दिन हुए इस राजनीतिक धमाके ने भाजपा के ‘सुशासन’ के दावों का ऐसा ढोल फोड़ा है, जिसकी आवाज अब रायपुर तक गूंज रही है।

‘डबल इंजन’ की बात छोड़िए, यहां तो ट्रॉली का पहिया ही गायब है! – ​मंचों पर भाषणबाजी में अक्सर ‘विकास की गंगा’ बहाने वाली भाजपा के पार्षदों ने अपने इस्तीफे में जो जमीनी हकीकत बयां की है, वह किसी व्यंग्य से कम नहीं। जनता के वोट लेकर वार्डों के रहनुमा बने इन पार्षदों का रोना है कि विकास तो दूर, उनके वार्डों में पीने का पानी, नाली, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी चीजें भी दुर्लभ हो चुकी हैं।

पार्षदों ने अपने सामूहिक त्यागपत्र में अपनी ही नगर पंचायत अध्यक्ष और शासकीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की ऐसी बखिया उधेड़ी है कि पढ़ने वाले भी चुटकी ले रहे हैं। पार्षदों का सीधा आरोप है :

  • ​नगर पंचायत अध्यक्ष और बाबुओं की ‘जुगलबंदी’ से पार्षदों का लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
  • ​जनता पार्षद को घेरती है, पार्षद अध्यक्ष और दफ्तर के चक्कर काटते हैं, लेकिन वहां विकास के नाम पर सिर्फ ‘शून्य’ का पहाड़ा पढ़ाया जा रहा है।
  • ​पार्षद निधि के पैसों पर कुंडली मारकर बैठा प्रशासन जनप्रतिनिधियों को चपरासी से बदतर समझ रहा है।

​पार्षदों का साफ कहना है कि जब अपने ही राज में अपनी ही पार्टी की सरकार और अपने ही दफ्तर में उनकी औकात एक अर्जी लगाने वाले से ज्यादा नहीं बची, तो फिर गले में भाजपा का भगवा गमछा डालकर जनता की गालियां खाने का क्या फायदा?

इस्तीफे की अर्जी पर दस्तखत करने वाले ‘बागी सिपहसालार’ – पुसौर की सियासत में भूचाल लाने वाले इस सामूहिक त्यागपत्र में नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश साव समेत वार्ड 1 के प्रदीप यादव, वार्ड 2 के फागूलाल प्रधान, वार्ड 3 की मंजू पटेल, वार्ड 6 के बलराम, वार्ड 7 के वरुण महाणा, वार्ड 11 के रूपेश कुमार साव और वार्ड 14 के शौकीलाल चौहान के हस्ताक्षर दर्ज हैं।

कुल 15 वार्डों वाली नगर पंचायत में से जब उपाध्यक्ष समेत 8 पार्षद एक साथ पार्टी का पल्ला झाड़ लें, तो इसे बगावत कहें, कुर्सी की खींचतान या फिर अंदरूनी लाचारी का विस्फोट – फैसला जनता खुद कर रही है।

जश्न में डूबा था संगठन, हाथ में थमा दिया ‘इस्तीफा नामा’ – ​दिनभर सोशल मीडिया पर मोदी जी की लंबी उम्र की दुआएं मांग रहे जिला नेताओं के फोन शाम होते-होते बजने बंद हो गए। जिस दिन मिठाई बंटनी थी, उस दिन पुसौर से इस्तीफे का कड़वा घूंट पीना पड़ा।

अब पार्टी के भीतर ‘डैमेज कंट्रोल’ की नौटंकी शुरू हो गई है। बंद कमरों में वही रटा-रटाया खेल चल रहा है – “पार्षद हमारे अपने हैं, घर की बात है, समझा लिया जाएगा।” लेकिन सवाल यह उठता है कि जब अपने ही पार्षदों का दम अपनी ही अध्यक्ष की तानाशाही और अफसरों की बदमिजाजी से घुट रहा था, तब यह ‘संगठन’ किस कुंभकर्णी नींद में सो रहा था?

जनता अब गलियों में खड़े होकर तंज कस रही है – “मोदी जी का जन्मदिन तो हर साल आएगा, पर पुसौर के हुक्मरानों ने जिस ‘सेवा’ का प्रदर्शन अपने ही पार्षदों के साथ किया है, उसकी गूंज आने वाले चुनावों तक सुनाई देगी!”

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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