बिलासपुर

जशपुर की पीएचडी छात्रा को बिलासपुर के स्वर्णिमा एरा निवासी युवक ने ठगा : बिट्स पिलानी की फर्जी डिग्री और 48 लाख के पैकेज का झांसा देकर रचाई शादी, निकला इमू पक्षी के तेल का धंधा…

बिलासपुर। वैवाहिक संबंधों की आड़ में जालसाजी और ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जशपुर जिले की एक युवती, जो वर्तमान में बिलासपुर से पीएचडी कर रही है, को बिलासपुर के स्वर्णिमा एरा टाउनशिप निवासी युवक ने फर्जी बायोडाटा और झूठी रईसी के जाल में फंसाकर शादी कर ली। खुद को देश के प्रतिष्ठित संस्थान ‘बिट्स पिलानी’ का इंजीनियर और जयपुर की मल्टीनेशनल कंपनी में ₹48 लाख सालाना पैकेज पर पदस्थ डेटा एनालिस्ट मैनेजर बताने वाले इस युवक की हकीकत शादी की पहली ही रात सामने आ गई।

विदाई के वक्त जब होटल का बिल बकाया निकला और वेंडरों के पैसे नहीं दिए गए, तब मामला खुला। पूछताछ में आरोपी के सभी दावे झूठे निकले – वह कोई कॉर्पोरेट अधिकारी नहीं, बल्कि अपने पिता के साथ इमू (Emu) पक्षी की चर्बी से तेल निकालने का पारंपरिक व्यवसाय करता है। पीड़िता की शिकायत पर बिलासपुर की कोनी थाना पुलिस ने आरोपी पति सहित उसके माता-पिता के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

स्कूल की पुरानी पहचान से शुरू हुआ साजिश का ताना-बाना – पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, मूलतः जशपुर जिले की रहने वाली 30 वर्षीय मीतू वर्ष 2022 से बिलासपुर के कोनी स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में रहकर पीएचडी कर रही हैं। साल 2022 में ही उनकी मुलाकात अपने हाईस्कूल के पुराने सहपाठी हर्षदीप राम जाड़ी (वर्तमान निवासी: स्वर्णिमा एरा टाउनशिप, बिलासपुर) से हुई।

​पुरानी जान-पहचान के चलते दोनों के बीच बातचीत और मिलना-जुलना शुरू हुआ। मई 2024 में हर्षदीप ने मीतू के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। युवती ने स्पष्ट किया कि शादी का फैसला दोनों परिवारों की सहमति से ही होगा। इसके बाद 8 जनवरी 2025 को कोनी के आरजे प्वाइंट कैफे में औपचारिक मुलाकात के दौरान आरोपी ने युवती को अपना विस्तृत बायोडाटा सौंपा।

फर्जी बायोडाटा : BITS पिलानी, 48 लाख का पैकेज और 200 एकड़ जमीन – ​आरोपी ने खुद को उच्च-शिक्षित और संपन्न परिवार का दिखाने के लिए फर्जी दावों का सहारा लिया:

  • शिक्षा व कॉर्पोरेट पद : बायोडाटा में उसने खुद को बिट्स पिलानी से बी.टेक और जयपुर स्थित एक नामी कंपनी में डेटा एनालिस्ट मैनेजर बताया, जिसका सालाना पैकेज ₹48 लाख था।
  • पारिवारिक रईसी : उसने दावा किया कि उसके परिवार के पास 150 से 200 एकड़ पुश्तैनी कृषि भूमि है तथा उसके पिता के व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर ₹88 लाख से अधिक है।

​इन दावों और दस्तावेजों पर विश्वास करते हुए युवती और उसके परिजनों ने विवाह के लिए सहमति दे दी। दोनों पक्षों की रजामंदी से 12 मार्च 2026 को बिलासपुर के होटल पेट्रीशियन में विवाह समारोह तय हुआ। विवाह के आयोजन का संपूर्ण खर्च उठाने का आश्वासन आरोपी के पिता लोधन राम जाड़ी ने दिया था।

शादी से पहले और दौरान लाखों की ठगी – रिश्ता तय होने के बाद से ही आरोपी परिवार ने युवती के परिवार से अलग-अलग बहानों के तहत नकदी ऐंठना शुरू कर दिया :

  • ​शादी से ठीक पहले फरवरी और मार्च महीने में जरूरी काम और आकस्मिक खर्चों का हवाला देकर आरोपी हर्षदीप और उसकी मां राजो जाड़ी के बैंक खातों में कुल ₹4.96 लाख ट्रांसफर कराए गए।
  • ​इसके अलावा आरोपी ने व्यक्तिगत जरूरतों के नाम पर अपने खाते में ₹60 हजार और मंगाए।
  • ​शादी से पहले ही युवती के परिवार से कुल ₹5.56 लाख बैंक खातों के जरिए ले लिए गए थे।

विवाह की रात खुला झूठ का पुलिंदा – 12 मार्च 2026 को बिलासपुर के होटल पेट्रीशियन में शादी समारोह संपन्न हुआ, लेकिन उसी रात ड्रामे की शुरुआत हो गई :

  • वेंडरों ने रोका काम : रात में कैटरिंग और टेंट संचालकों ने भुगतान न मिलने पर काम रोक दिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी पक्ष ने उन्हें महज ₹10-10 हजार की अग्रिम राशि दी थी। लोकलाज और सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए पीड़िता के पिता ने कैटरर को ₹90 हजार और मामा ने टेंट संचालक को ₹90 हजार (कुल ₹1.80 लाख नकद) चुकाए।
  • होटल में रोकी गई गाड़ी, मोबाइल हुए बंद : अगले दिन विदाई के समय होटल प्रबंधन का लाखों का बिल बकाया निकला। प्रबंधन ने भुगतान न होने तक आरोपी की गाड़ी को परिसर से बाहर जाने से रोक दिया। इसी दौरान स्थिति बिगड़ती देख आरोपी हर्षदीप और उसके पिता लोधन राम ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए।

गहने निकले नकली, सामने आया इमू तेल का सच – ससुराल पक्ष के अचानक फोन बंद करने और संदिग्ध रवैये के बाद जब युवती और उसके परिजनों ने हर्षदीप से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरा सच उगल दिया :

  • कोई नौकरी या डिग्री नहीं : आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कभी बिट्स पिलानी में पढ़ाई नहीं की और न ही वह जयपुर की किसी कंपनी में कार्यरत है।
  • इमू पक्षी के तेल का धंधा : असलियत में वह अपने पिता के साथ ऑस्ट्रेलिया मूल के इमू पक्षी की चर्बी से तेल निकालने और उसे बेचने का काम करता है।
  • गहनों की जांच : विवाह समारोह में ससुराल पक्ष द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के सभी जेवरों की जब जौहरी से जांच कराई गई, तो वे पूरी तरह नकली और गिलट के निकले।
  • ​इस पूरी साजिश में पीड़िता के परिवार को कुल ₹6.76 लाख की सीधी आर्थिक चपत लगी।

जशपुर से जीरो एफआईआर, बिलासपुर के कोनी थाने में मामला दर्ज – धोखाधड़ी का अहसास होने के बाद पीड़िता ने अपने गृह जिले जशपुर में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि घटना का मुख्य स्थल बिलासपुर था, इसलिए जशपुर पुलिस ने मामले में शून्य (Zero FIR) पर अपराध कायम कर संपूर्ण केस डायरी बिलासपुर पुलिस को अग्रिम विवेचना के लिए भेजी।

​केस डायरी मिलते ही कोनी थाना पुलिस ने आरोपी हर्षदीप राम जाड़ी, उसके पिता लोधन राम जाड़ी और मां राजो जाड़ी के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) सहित आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज कर लिया है।

​”जशपुर से प्राप्त केस डायरी के आधार पर कोनी थाने में आरोपी युवक, उसके पिता और मां के खिलाफ विधिवत अपराध दर्ज कर लिया गया है। बैंक लेन-देन, फर्जी दस्तावेजों और घटनाक्रम से जुड़े तमाम साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पंकज पटेल, एएसपी (सिटी), बिलासपुर

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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