चक्रधर समारोह 2026 : तबले और सारंगी की जुगलबंदी से लेकर मरुधरा के लोकनृत्यों तक, सुरमयी शाम में बिखरे भारतीय संस्कृति के बहुरंगी छटा…

रायगढ़। सांस्कृतिक नगरी रायगढ़ में आयोजित प्रतिष्ठित चक्रधर समारोह की संध्या शास्त्रीय संगीत की गहराइयों और लोक संस्कृति की जीवंत ऊर्जा से सराबोर रही। शास्त्रीय वादन में जहाँ तबले और सारंगी की परस्पर जुगलबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं राजस्थान से आए कलाकारों ने अपनी लोकधुनों व नृत्यों से पूरे वातावरण को मरुभूमि के पारंपरिक रंगों में रंग दिया।
सुर, ताल और लय का अप्रतिम संगम: निशित और मुदस्सिर की युगल प्रस्तुति – समारोह के मंच पर जयपुर घराने के युवा तबला वादक निशित गंगानी और सारंगी वादक मुदस्सिर खान की संयुक्त प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मात्र तीन वर्ष की अल्पायु से तबला वादन आरंभ करने वाले निशित गंगानी ने अपने गुरु पंडित फतेह सिंह गंगानी के सान्निध्य में प्राप्त शिक्षा का उत्कृष्ट परिचय दिया। भारत सरकार द्वारा सम्मानित निशित की उंगलियों की द्रुत गति और थाप पर श्रोता मुग्ध नजर आए।
वहीं, सारंगी वादन की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहे मुदस्सिर खान ने सारंगी के कोमल व भावपूर्ण स्वरों से प्रस्तुति को नई ऊँचाइयाँ दीं। दोनों युवा उस्तादों के बीच लयबद्ध संवाद ने एक ऐसा आध्यात्मिक व सुरमयी परिवेश निर्मित किया, जिसे श्रोताओं ने करतल ध्वनि से सराहा।
राजस्थान के लोकनृत्यों और सूफियाना धुनों से बंधा समां – शास्त्रीय संगीत के पश्चात् मंच पर राजस्थान की समृद्ध लोक कला का अवतरण हुआ। बाड़मेर से पधारे ‘स्टार्क सोसाइटी’ के कलाकारों ने पारंपरिक कालबेलिया, घूमर और हैरतअंगेज भावभंगिमाओं वाले भवाई नृत्य से दर्शकों को विस्मित कर दिया। कालबेलिया नृत्यांगनाओं के त्वरित चक्करों और पदचाल ने सभागार में रोमांच भर दिया।
इस अवसर पर ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’, ‘अली बोलो’ तथा सूफियाना कलाम ‘दमादम मस्त कलंदर’ की प्रस्तुतियों पर समूचा पंडाल झूम उठा।
- संगतकार : दल प्रमुख दीन मोहम्मद (कामायचा), आसिन खान (गायन), लतीफ खान व साइये खां (हारमोनियम), भुट्टा खान (ढोलक), देवू खान (खड़ताल) एवं हुसैन खान (सारंगी)।
- नृत्य दल : हीरा, तनु, पूजा एवं प्रिया।
अतिथियों द्वारा कलाकारों का सम्मान – कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा नगर पालिक निगम के सभापति श्री डिग्रीलाल साहू ने कलाकारों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा स्मृति-चिह्न प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।
“कला व संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करता है चक्रधर समारोह” – समारोह को संबोधित करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू ने कहा कि चक्रधर समारोह मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे वैश्विक मंच प्रदान करने का पुनीत अनुष्ठान है।
उन्होंने रेखांकित किया कि यहाँ एक ओर लोक एवं शास्त्रीय संगीत की परंपराएँ समृद्ध होती हैं, तो दूसरी ओर ‘माधव रस’ जैसे भक्ति संगीत के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इस मंच का निरंतर विस्तार होना रायगढ़ सहित पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
पूर्व में प्रकाशित खबर :




