नशेबाजी की शिकायत पर बिलासपुर में खूनी तांडव : ज्वेलरी शॉप में घुसकर बुजुर्ग गार्ड को चापड़ से काटा, सिम्स में हालत नाजुक…

बिलासपुर। न्यायधानी के सबसे व्यस्त और पॉश व्यावसायिक इलाके सदर बाजार में दिनदहाड़े हुई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। मोहल्ले में खुलेआम होने वाली नशेबाजी और गांजे के अवैध अड्डे की पुलिस में शिकायत करना एक युवक और उसके परिवार को भारी पड़ गया। शिकायत से बौखलाए नशेड़ी ने बदले की आग में अंधी दरिंदगी दिखाते हुए शिकायतकर्ता के बुजुर्ग पिता पर धारदार चापड़ से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
मोहल्ले में गांजे का अड्डा और सामाजिक विरोध – वारदात की जड़ें सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के जूनीलाइन मोहल्ले से जुड़ी हैं।
- जूनीलाइन निवासी राजेंद्र रजक के बेटे आदित्य रजक ने मोहल्ले में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाई थी।
- उसी मोहल्ले का रहने वाला सत्येंद्र यादव अपने असामाजिक और आवारा दोस्तों को घर के पास जुटाकर खुलेआम गांजा पीता था।
- नशेड़ियों के जमावड़े के कारण आए दिन गली से गुजरने वाली महिलाओं, बच्चियों और स्थानीय रहवासियों को भद्दी टिप्पणियों और असुरक्षा का सामना करना पड़ता था।
- आदित्य ने पहले सत्येंद्र को मोहल्ले में नशाखोरी और उपद्रव करने से मना किया, लेकिन जब वह नहीं माना, तो आदित्य ने एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सीधे सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर उसके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
घर पर नहीं मिला बेटा तो पिता के कार्यस्थल पहुंचा हमलावर – पुलिस में हुई शिकायत की भनक लगते ही सत्येंद्र यादव आगबबूला हो गया और उसके सिर पर खून सवार हो गया। उसने आदित्य और उसके परिवार को सबक सिखाने की खौफनाक साजिश रची।
- आरोपी धारदार चापड़ छिपाकर सीधे आदित्य के जूनीलाइन स्थित घर पहुंचा।
- उसने आदित्य और उसके परिजनों की तलाश की, लेकिन उस वक्त घर पर कोई मौजूद नहीं था।
- इसके बाद बदले की सनक में वह सीधे सदर बाजार के करोना चौक स्थित मशहूर ‘राकेश ज्वेलर्स’ की ओर रवाना हुआ। उसे अच्छी तरह पता था कि आदित्य के 55 वर्षीय पिता राजेंद्र रजक इसी ज्वेलरी शॉप में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं।
ज्वेलरी शोरूम के भीतर खूनी हमला और चीख-पुकार – करोना चौक पर उस वक्त आम दिनों की तरह ग्राहकों और राहगीरों की भारी चहल-पहल थी। सत्येंद्र बेखौफ अंदाज में राकेश ज्वेलर्स के भीतर घुसा।
- दुकान के मुख्य गेट पर अपनी ड्यूटी कर रहे बुजुर्ग राजेंद्र रजक कुछ समझ पाते, इससे पहले ही सत्येंद्र ने अपनी कमर से भारी-भरकम चापड़ निकाला और उन पर टूट पड़ा।
- आरोपी ने बुजुर्ग के सिर, गर्दन और शरीर के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक कई जानलेवा वार किए।
- अचानक हुए इस खूनी हमले से दुकान के भीतर मौजूद स्टाफ और ग्राहकों में भगदड़ मच गई।
- बुजुर्ग राजेंद्र लहूलुहान होकर वहीं फर्श पर गिर पड़े और दुकान की टाइलें उनके खून से लाल हो गईं।
बेटे पर भी चापड़ से वार की कोशिश, भीड़ ने दबोचा – शोरूम के आसपास हड़कंप मचने की खबर कुछ ही मिनटों में आदित्य तक पहुंच गई। पिता पर हमले की बात सुनते ही वह बदहवास हालत में दौड़ता हुआ दुकान पहुंचा।
- दुकान में घुसते ही खून से लथपथ पिता को देखकर आदित्य चीख उठा।
- सामने आदित्य को देखते ही सत्येंद्र ने चापड़ हवा में लहराते हुए उस पर भी जानलेवा हमला करने की कोशिश की।
- इस बार शोरूम के कर्मचारियों और आसपास के दुकानदारों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। लोगों ने चारों तरफ से घेरकर सत्येंद्र को पकड़ लिया और उसके हाथ से खून सना चापड़ छीनकर उसे जमीन पर पटक दिया।
सिम्स में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग, आरोपी जेल की चौखट पर – घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से आरोपी सत्येंद्र यादव को हिरासत में लिया।
इधर, गंभीर रूप से घायल राजेंद्र रजक को तुरंत नजदीकी वाहन से छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, चापड़ के गहरे घाव और अत्यधिक खून बह जाने की वजह से उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें आईसीयू में गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।
पुलिस ने आरोपी सत्येंद्र यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307 व अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और हमले में इस्तेमाल चापड़ को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस खूनी वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शहर में नशे के सौदागरों और अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह गायब हो चुका है।




