अंबिकापुर में कॉलेज छात्रा अंतरा शाह खुदकुशी कांड : NSUI नेता ज्ञान तिवारी पर ब्लैकमेलिंग की FIR, आरोपी फरार; शहर में उबाल, पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव बोले – ‘दोषी कोई भी हो, बख्शा न जाए’…

भाग 2
सरगुजा। शासकीय राजीव गांधी पीजी कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा अंतरा शाह की दर्दनाक आत्महत्या के मामले ने पूरे सरगुजा संभाग में सनसनी फैला दी है। चिरमिरी से बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा का सपना लेकर अंबिकापुर आई बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंतरा ने अपने जीजा के घर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की शुरुआती जांच में ही सामने आए ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों के बाद छात्र राजनीति और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
NSUI नेता ज्ञान तिवारी का नाम आया सामने, सहेलियों के खुलासे से खुली प्रताड़ना की पोल – छात्रा की मौत के अगले ही दिन जब उसकी सहेलियां पटपरिया स्थित घर पहुंचीं, तो उन्होंने परिजनों के सामने बेहद चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए। सहेलियों ने साफ तौर पर खुलासा किया कि एनएसयूआई से जुड़ा रसूखदार छात्र नेता ज्ञान तिवारी अंतरा को लंबे समय से लगातार ब्लैकमेल और प्रताड़ित कर रहा था।
सहेलियों के अनुसार, ज्ञान तिवारी की मानसिक प्रताड़ना और दबाव की वजह से अंतरा काफी समय से गहरे तनाव और दहशत के साए में जी रही थी। इस खुलासे के बाद मृतका के मामा तुरंत गांधीनगर थाना पहुंचे और ज्ञान तिवारी के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर ज्ञान तिवारी के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में नामजद अपराध पंजीबद्ध कर लिया।
नामजद FIR दर्ज होते ही आरोपी ज्ञान तिवारी फरार, पुलिस की छापेमारी तेज – मामले में नामजद अपराध दर्ज होते ही एनएसयूआई नेता ज्ञान तिवारी भूमिगत हो गया है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों, परिचितों और ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन वह अब तक गिरफ्त से बाहर है।
गांधीनगर थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। जांच अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि ज्ञान तिवारी की गिरफ्तारी और उसके जब्त होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के बाद ही ब्लैकमेलिंग के इस पूरे नेटवर्क और छात्रा पर बनाए गए दबाव की असल सच्चाई सामने आएगी।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का दो टूक बयान : ‘निष्पक्ष जांच हो, दोषी चाहे कोई भी हो सख्त कार्रवाई तय हो’ – मामले में राजनीतिक दल से जुड़े छात्र नेता का नाम सामने आने के बाद सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस गंभीर घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
टीएस सिंहदेव ने अपने बयान में कहा कि छात्रा की मौत बेहद दुखद और संवेदनशील मामला है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच की जाए। सिंहदेव ने स्पष्ट संदेश दिया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए – चाहे वह किसी भी संगठन, पद या प्रभाव से ताल्लुक रखता हो – उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि पीड़िता के परिजनों को न्याय मिल सके।
थाने के सामने ABVP का उग्र प्रदर्शन, फूंका पुतला; झूमाझपटी के बीच गूंजे इंसाफ के नारे – घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर थाने का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की और आरोपी छात्र नेता ज्ञान तिवारी की अविलंब गिरफ्तारी की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी नेता का पुतला दहन किया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस व झूमाझपटी की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों ने मशक्कत के बाद जलते पुतले को बुझाया। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो पूरे संभाग में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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