मजदूरी करने UP गया युवक बना नशा तस्कर : बिलासपुर में 20 लाख की नशीली गोलियां जब्त, पिता-रिश्तेदार संग चला रहा था सिंडिकेट…

बिलासपुर। मजदूरी की तलाश में उत्तर प्रदेश की दहलीज लांघने वाला एक युवक जब गांव लौटा, तो उसने इलाके को बर्बादी के रास्ते पर धकेलने का पूरा ताना-बाना बुन लिया था। सीपत पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने ग्राम गुड़ी में दबिश देकर 20 लाख रुपये कीमत की 4,750 प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ युवक, उसके पिता और रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है।
घर में छिपा रखा था ढाई किलो ‘जहर’ – एडिशनल एसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह के मुताबिक, शुक्रवार को खुफिया सूचना मिली थी कि सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ी, लोनिया पारा में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं की सप्लाई चल रही है। पुलिस टीम ने जब 20 वर्षीय मुकेश लोनिया के घर पर छापेमारी की, तो कमरे में छिपाए बैगों से भारी मात्रा में प्रॉक्सिको स्पास और अल्प्राविन की गोलियां बरामद हुईं। जब्त टैबलेट्स का कुल वजन लगभग 2.5 किलोग्राम आंका गया है।
मथुरा से बिछी तस्करी की रेल लाइन – पूछताछ में सामने आया कि मुकेश कुछ समय पहले रोजी-रोटी के लिए यूपी गया था, जहां वह नशा माफियाओं के संपर्क में आ गया। कम समय में अंधाधुंध कमाई के लालच में उसने गांव लौटकर तस्करी का जाल फैलाना शुरू किया। उसने अपने 60 वर्षीय पिता उग्रसेन लोनिया और रिश्तेदार परमेश्वर उर्फ कोंदा (20) को भी इस गोरखधंधे में शामिल कर लिया। गिरोह ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश के मथुरा से दवाओं की यह खेप बिलासपुर मंगवाता था और स्थानीय युवाओं को खपाता था।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ें खंगालने में जुट गई है। अफसरों का कहना है कि मामले में ‘एंड-टू-एंड’ तफ्तीश जारी है और मथुरा के सप्लायरों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड लिंकेज पर टीमें काम कर रही हैं।




