रायपुर में 1 करोड़ की जमीन बनी काल : दामाद ने GI तार से घोंटा ससुर का गला, खारुन नदी में फेंकने जा रहे थे लाश; आधी रात पुलिस पेट्रोलिंग ने खोला खौफनाक राज…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लालच और रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया। हाल ही में बेची गई करीब 1 करोड़ रुपये की जमीन के हिस्से को लेकर चल रहे विवाद में बड़े दामाद ने अपने ही ससुर की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को छुपाने के लिए शव को नदी में बहाने की पूरी साजिश तैयार थी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने आधी रात को इस खौफनाक राज का पर्दाफाश कर दिया।

शराब पार्टी में खूनी अंजाम – पठारीडीह निवासी मोहन निषाद ने हाल ही में करीब 1 करोड़ रुपये की पुश्तैनी जमीन बेची थी। इस मोटी रकम पर मोहन के बड़े दामाद हेमराज निषाद की नीयत खराब थी। वह लगातार पैसों में हिस्सा मांग रहा था और पिछले महीने भी दोनों के बीच तीखी झड़प हुई थी। 3 सितंबर की रात मोहन ने दामाद हेमराज को पार्टी के बहाने बुलाया। शराब के नशे में दोनों के बीच जमीन के करोड़ों रुपयों को लेकर फिर से गाली-गलौज और विवाद शुरू हो गया। तैश में आकर दामाद हेमराज ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं और GI तार से ससुर का गला घोंटकर उन्हें हमेशा के लिए खामोश कर दिया।
खारुन नदी में बहाने की थी खौफनाक साजिश – कत्ल के बाद हेमराज ने अपने चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को साजिश में शामिल किया। सबूत मिटाने के लिए शव को चादर में लपेटकर एक टाटा मैजिक में लोड किया गया। योजना लाश को खारुन नदी के गहरे पानी में ठिकाने लगाने की थी, ताकि वारदात का कोई सुराग न बचे।
आधी रात परसतराई में पुलिस से आमना-सामना – 4 सितंबर की दरम्यानी रात करीब 1:15 बजे धरसीवां पुलिस की गश्ती टीम परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास तैनात थी। बिलासपुर रोड पर सामने से आ रही टाटा मैजिक को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर गाड़ी रोकने के बजाय उसे पीछे बैक करने लगा। शक गहराने पर पुलिस ने मुरेठी रोड पर घेराबंदी कर रास्ता रोक दिया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने गाड़ी बस्ती की ओर भगा दी और शीतला मंदिर के पास वाहन छोड़कर अंधेरे में खेतों की तरफ फरार हो गए।
चादर से बाहर लटक रहा था पैर, खुली लाश – वारदात स्थल पर लावारिस खड़ी टाटा मैजिक की जब पुलिस ने तलाशी ली, तो होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर चादर में लिपटा हुआ एक शव पड़ा था, जिसका पैर बाहर दिख रहा था। चादर हटाते ही मोहन निषाद का रक्तरंजित शव सामने आया। गाड़ी पर लिखे एक मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस तुरंत रावाभाठा के संजय उर्फ मोरध्वज चौहान तक पहुंची और कड़ियों को जोड़ते हुए मृतक की शिनाख्त कर ली।
रतनपुर में छिपा था हत्यारा, पुलिस घेराबंदी में सरेंडर – वारदात के बाद आरोपी बस पकड़कर बिलासपुर भागे और रतनपुर में जाकर छिप गए। हालांकि, धरसीवां पुलिस के ताबड़तोड़ छापों और बढ़ते दबाव के आगे मुख्य आरोपी दामाद हेमराज निषाद टूट गया और उसने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने घेराबंदी कर सह-आरोपी चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी दबोच लिया।
वारदात की शुरुआत उरला थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसके चलते धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों और वाहन को आगे की कार्रवाई के लिए उरला पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस अब आरोपियों से रिमांड में गहन पूछताछ कर रही है।



