
नई दिल्ली / रायपुर / बिलासपुर। देश की शीर्ष न्यायपालिका से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक ऐतिहासिक और रणनीतिक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सर्वोच्च पद पर नए मुखिया की तैनाती का रास्ता साफ कर दिया है। ओडिशा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ व कद्दावर न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) बनाने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी गई है।

इसके साथ ही कॉलेजियम के एक और बड़े फैसले ने हलचल मचा दी है- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सबसे वरिष्ठ जजों में शुमार न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट स्थानांतरित (Transfer) करने की आधिकारिक संस्तुति जारी कर दी गई है।

4 सितंबर को बदलेगा बिलासपुर हाईकोर्ट का निजाम – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा आगामी 4 सितंबर 2026 को अपनी न्यायिक सेवाओं से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 6 अगस्त 2026 की उच्चस्तरीय बैठक में जस्टिस महापात्र के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई थी।
- मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के रिटायर होते ही जस्टिस कृष्ण राम महापात्र बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की कमान संभालेंगे।
- केंद्रीय विधि मंत्रालय की अधिसूचना और महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर युक्त अधिपत्र (वारंट) जारी होते ही उनका शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।
कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम महापात्र? विरासत, विद्वता और 38 वर्षों का न्यायिक अनुभव – न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र का नाम न्यायपालिका में निष्पक्षता, विधि के गहन ज्ञान और कड़े प्रशासनिक अनुशासन के लिए जाना जाता है:
- न्याय की पारिवारिक विरासत : 18 अप्रैल 1965 को जन्मे जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को विधि और न्याय की समझ विरासत में मिली है। वे ओडिशा हाईकोर्ट के विख्यात दिवंगत न्यायमूर्ति शरत चंद्र महापात्र के सुपुत्र हैं।
- 26 वर्षों तक बार में तपे-तपाए वकील : 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत होने के बाद उन्होंने लगातार 26 वर्षों तक वकालत की। उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक और सेवा (Service) मामलों में विशेषज्ञता हासिल की।
- सरकार व दिग्गज संस्थानों के मुख्य पैरोकार : वकालत के लंबे करियर में वे ओडिशा सरकार तथा ओडिशा लोक सेवा आयोग (OPSC) के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता (Additional Standing Counsel) रहे। इसके अलावा वे बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के वकील भी रहे।
- हाईकोर्ट जज के रूप में लंबा अनुभव : 17 अप्रैल 2015 को उन्हें ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। तब से लेकर अब तक उन्होंने सैकड़ों ऐतिहासिक और नीतिगत फैसले सुनाए हैं।
कॉलेजियम का एक और कड़ा फैसला : जस्टिस संजय के. अग्रवाल का राजस्थान तबादला – सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 31 अगस्त 2026 को हुई महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जुड़ा एक और बड़ा आदेश जारी हुआ :

- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है।
- जस्टिस अग्रवाल छत्तीसगढ़ की न्यायिक व्यवस्था का एक बेहद मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। उनके जाने से बिलासपुर हाईकोर्ट की बेंच संरचना, रोस्टर और वरिष्ठता क्रम में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
इस न्यायिक पुनर्गठन के क्या होंगे सीधे मायने? –
- लंबित मामलों पर सख्त रुख : जस्टिस कृष्ण राम महापात्र त्वरित सुनवाई और पारदर्शी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वर्षों से लंबित मुकदमों के निपटारे में तेजी आने की पूरी संभावना है।
- बेंचों का नया समीकरण : सीजे रमेश सिन्हा की विदाई और दो वरिष्ठ जजों के फेरबदल के बाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक ढांचे और डिवीजन बेंचों का नए सिरे से गठन होगा।




