लैलूंगा : शिक्षा के मंदिर में गुंडाराज: सेंट माइकल स्कूल में 7वीं के छात्र पर जानलेवा हमला, रैगिंग के नाम पर बर्बरता की सारी हदें पार!…

- आंख फोड़ने की कोशिश, मुंह खोलने पर ‘जान से मारने’ की खुली धमकी; लैलूंगा थाने व BEO दफ्तर में भारी हड़कंप…
लैलूंगा (रायगढ़): प्रतिष्ठित कहे जाने वाले सेंट माइकल इंग्लिश मीडियम स्कूल की चारदीवारी के भीतर से इंसानियत और कानून को तार-तार कर देने वाला खौफनाक मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में सीनियर छात्रों का ऐसा खूनी आतंक देखने को मिला कि महज 13 साल के 7वीं के छात्र को बर्बरतापूर्वक लहूलुहान कर दिया गया। रैगिंग के नाम पर खुलेआम चले इस ‘तांडव’ ने स्कूल प्रबंधन के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
बाथरूम में घेरकर ‘खूनी खेल’: पहले दीं गंदी गालियां, फिर टूट पड़े दरिंदे – वारदात 21 अगस्त की दोपहर करीब 11:30 बजे की है। 13 वर्षीय मासूम छात्र जब अपने सहपाठियों के साथ शौचालय की तरफ गया, तभी कक्षा 8वीं के उद्दंड छात्रों ने पूरी साजिश के तहत उसका रास्ता रोक लिया। सीनियर छात्रों ने पहले अश्लील और गंदी गालियां बकते हुए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जैसे ही छात्र ने इसका विरोध किया, आधा दर्जन से अधिक आरोपी छात्रों ने एकराय होकर उस पर टूट पड़े और लात-घूंसों से अंधाधुंध हमला कर दिया।
चेहरे और आंख पर गंभीर वार, बीच-बचाव करने वाले भी पिटे – हमलावरों ने छात्र की आंख और चेहरे को निशाना बनाकर इतनी बेरहमी से पीटा कि छात्र वहीं बेसुध होने की कगार पर पहुंच गया। छात्र के आंख के आसपास और चेहरे पर गंभीर अंदरूनी व बाहरी चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर जब उसके साथी बचाने दौड़े, तो आरोपियों ने उन्हें भी बुरी तरह पीट डाला और धमकाते हुए कहा— “अगर स्कूल प्रबंधन या घर पर एक लफ्ज भी बोला, तो सीधे जान से मार डालेंगे।”
ट्रॉमा में पीड़ित, BNS और एंटी-रैगिंग की गैर-जमानती धाराओं में FIR की मांग – इस भयानक हिंसा के बाद से 13 वर्षीय छात्र गहरे सदमे (Severe Trauma) में है और खौफ के मारे सहमा हुआ है। पीड़ित छात्र के पिता ने लैलूंगा थाना प्रभारी और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को लिखित शिकायत सौंपते हुए स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने मांग की है कि:
- तत्काल पीड़ित छात्र का सरकारी अस्पताल में मेडिकल (MLC) कराकर चोटों की गंभीरता दर्ज की जाए।
- आरोपी छात्रों के खिलाफ एंटी-रैगिंग कानून, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हो।
- स्कूल परिसर में गुंडागर्दी करने वाले तत्वों पर ऐसी नजीर पेश करने वाली कार्रवाई हो जिससे मासूम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




