छत्तीसगढ़ में मानसून का महा-रिपोर्ट कार्ड: बिलासपुर संभाग में रिकॉर्डतोड़ पानी, सरगुजा और राजनांदगांव में सूखे जैसी चुनौती…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून इस समय अपने पूरे शबाब पर है। 1 जून से शुरू हुए मानसूनी सीजन में 18 जुलाई तक प्रदेश भर में औसतन 307.2 मिमी (12 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मानसून के इस चरण तक छत्तीसगढ़ को जितनी बारिश हासिल होनी चाहिए थी, उसकी तुलना में अब तक 81.8% बारिश पूरी हो चुकी है।
हाल ही में शनिवार को पूरे प्रदेश में औसतन 17.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि, आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करें तो राज्य में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। जहां बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई जिले जलमग्न हो रहे हैं, वहीं राजनांदगांव और सरगुजा जिलों में बारिश का आंकड़ा चिंता बढ़ा रहा है।
संभागवार विस्तृत रिपोर्ट : कहाँ झमाझम, कहाँ सुस्ती?…
1. बिलासपुर संभाग : बारिश के मामले में प्रदेश में सबसे आगे – चालू मानसूनी सीजन में बिलासपुर संभाग ने पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। इस संभाग के जिलों में लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है।
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ (टॉप परफॉर्मर) : यह जिला 525.4 मिमी (20.6 इंच) बारिश के साथ पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है।
- जांजगीर-चांपा : यहाँ अब तक 441.5 मिमी (17.3 इंच) वर्षा हुई है।
- बिलासपुर : जिले में 383.7 मिमी (15.1 इंच) बारिश दर्ज की गई है। बीते शनिवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा 58.6 मिमी (2.3 इंच) बारिश अकेले बिलासपुर जिले में ही रिकॉर्ड की गई।
2. रायपुर संभाग: मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी – राजधानी और आसपास के मैदानी इलाकों में मानसूनी हवाएं मेहरबान रही हैं।
- महासमुंद: संभाग में सबसे ज्यादा 397.5 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- बलौदाबाजार: 390.3 मिमी बारिश के साथ दूसरे स्थान पर है।
- गरियाबंद व रायपुर : गरियाबंद में 370.6 मिमी और रायपुर जिले में 367.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
- धमतरी : इस जिले में अब तक 278.8 मिमी पानी बरसा है, जो खेती के लिए संतोषजनक माना जा रहा है।
3. बस्तर संभाग : दंतेवाड़ा में उफान, कांकेर में धीमी रफ्तार – दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में भी बादलों का जमावड़ा बना हुआ है।
- दंतेवाड़ा : संभाग में सबसे आगे रहते हुए 405.5 मिमी बारिश दर्ज कर चुका है।
- नारायणपुर व बीजापुर : नारायणपुर में 354 मिमी और बीजापुर में 311.8 मिमी बारिश हुई है।
- पिछड़े जिले : मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (195.1 मिमी) और कांकेर (239.7 मिमी) में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है।
4. सरगुजा संभाग: बलरामपुर को छोड़ बाकी जिलों की रफ्तार धीमी – उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में बारिश का मिला-जुला असर दिख रहा है।
- बलरामपुर : 337.5 मिमी बारिश के साथ संभाग में शीर्ष पर है।
- अन्य जिले : कोरिया में 267.9 मिमी, जशपुर में 267.3 मिमी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) में 266.8 मिमी और सूरजपुर में 252.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
- सरगुजा जिला (रेड ज़ोन) : सरगुजा जिले में अब तक महज 161 मिमी बारिश हुई है, जो पूरे संभाग में सबसे कम है।
5. दुर्ग संभाग: राजनांदगांव बना प्रदेश का सबसे सूखा जिला – दुर्ग संभाग में बारिश के दो बिल्कुल अलग छोर देखने को मिल रहे हैं।
- दुर्ग व बालोद : दुर्ग जिले में 331.5 मिमी और बालोद में 326.3 मिमी अच्छी बारिश हुई है।
- राजनांदगांव (प्रदेश में सबसे कम) : राजनांदगांव जिले में अब तक केवल 142.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य औसत से काफी नीचे है और यहाँ के किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है।
कृषि पर प्रभाव : खरीफ फसलों की बुवाई के लिए कैसा है मौसम? – प्रदेश में अब तक हुई 81.8% बारिश से अधिकांश मैदानी और पहाड़ी इलाकों में खरीफ फसलों (विशेषकर धान) की बुवाई, थरहा (रोपणी) तैयार करने और रोपाई के काम में तेजी आ गई है।
कृषि विशेषज्ञों की राय : जहां 300 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, वहां खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और किसान तेजी से कृषि कार्यों में जुटे हैं। हालांकि, राजनांदगांव (142.9 मिमी) और सरगुजा (161 मिमी) जैसे कम बारिश वाले जिलों में बुवाई पिछड़ सकती है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले 10 से 15 दिनों की बारिश इन पिछड़े जिलों की खेती का भविष्य तय करेगी।




