सक्ती मर्डर मिस्ट्री : पत्नी ने तुड़वाया पोस्ट ऑफिस का खाता, ‘शूटर’ फिल्म देख पति ने गर्लफ्रेंड की छाती में उतरवा दीं 3 गोलियां!… नौ गिरफ्तार…जाने पूरा मामला…

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जोंगरा गांव में हुए सनसनीखेज ‘पूर्णिमा चौहान हत्याकांड’ का पुलिस ने ऐसा खौफनाक खुलासा किया है, जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। एक शादीशुदा बॉयफ्रेंड ने अपनी ही पत्नी के साथ मिलकर अपनी गर्लफ्रेंड को हमेशा के लिए रास्ते से हटा दिया। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर को अंजाम देने के लिए बाकायदा 4 लाख रुपए की सुपारी दी गई थी, जिसके लिए वफादार पत्नी ने अपने पोस्ट ऑफिस का खाता तक तोड़ डाला।
पुलिस ने इस खूनी साजिश का पर्दाफाश करते हुए पति-पत्नी समेत 3 राज्यों (छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र) से कुल 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
‘शूटर’ मूवी देखकर रची गई मौत की स्क्रिप्ट – पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, वह किसी बॉलीवुड क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ‘शूटर’ फिल्म देखकर इस पूरी वारदात की प्लानिंग की थी।
- कातिल पत्नी का रोल : पति की गर्लफ्रेंड से परेशान पत्नी चम्पा चौहान इस खूनी खेल में बराबर की हिस्सेदार बनी। उसने शूटर्स को एडवांस रकम देने के लिए अपने पोस्ट ऑफिस का खाता बंद कराया और उसमें से 2 लाख रुपए नगद निकालकर हत्यारों को एडवांस के तौर पर थमा दिए।
- दिनदहाड़े मर्डर : 26 जून की सुबह करीब 11 बजे, बिना नंबर की बाइक पर सवार दो नकाबपोश शूटर जोंगरा गांव पहुंचे। घर में अकेली बैठी 25 वर्षीय पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम के सीने और सिर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ 3 गोलियां दाग दी गईं। पूर्णिमा ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
लव, मैरिज प्रेशर और मौत का खूनी जाल – आखिर एक हंसती-खेलती लड़की को मौत के घाट क्यों उतारा गया? इसके पीछे की वजह बेहद पेचीदा है:
- मृतका पूर्णिमा चौहान की शादी रायगढ़ में हुई थी, लेकिन रिश्ता टूटने के बाद वह 2 साल से मायके में रह रही थी।
- इसी दौरान उसका अफेयर रायगढ़ के ही शादीशुदा मुरलीशंकर चौहान से हो गया। दोनों साथ में आयुर्वेदिक दवाओं के प्रचार का काम करते थे।
- जब मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा को इस नाजायज रिश्ते का पता चला, तो घर में रोज महाभारत होने लगी।
- मुरलीशंकर ने पूर्णिमा से दूरी बनानी चाही, लेकिन पूर्णिमा उस पर शादी करने का लगातार दबाव बना रही थी। बस, इसी दबाव से तंग आकर पति-पत्नी ने मिलकर पूर्णिमा को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
4 लाख की सुपारी और 9 मददगार – मुरलीशंकर और उसकी पत्नी ने झारखंड के शातिर राजेंद्र महंत से संपर्क किया और पूर्णिमा की मौत का सौदा 4 लाख रुपए में तय हुआ। इस पूरी साजिश में केवल पति-पत्नी और शूटर ही नहीं, बल्कि रेकी करने से लेकर फरारी कटवाने तक 7 और मददगार (गौरीशंकर सिदार, सुनील महंत, राकेश महंत, वेदप्रकाश उर्फ सोनू, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत) शामिल थे। सबने मिलकर मर्डर के बाद सुपारी की रकम आपस में बांट ली थी।
‘टेक्निकल हंट’ में उलझे कातिल, 3 राज्यों से दबोचे गए – वारदात को अंजाम देकर आरोपी खुद को शातिर समझ रहे थे, लेकिन सक्ती पुलिस की ‘थर्ड आई’ और टेक्निकल टीम के आगे उनकी एक न चली। पुलिस ने:
- मोबाइल लोकेशन
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
- टावर डंप डाटा
- और सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले।
जैसे ही आरोपियों की लोकेशन झारखंड के जमशेदपुर और महाराष्ट्र के पुणे में मिली, पुलिस की स्पेशल टीमों ने दबिश देकर घेराबंदी की और सभी 9 आरोपियों को दबोच लिया।
बरामदगी : पिस्टल से लेकर कैश तक जब्त – पुलिस ने आरोपियों के पास से मौत का वो सारा सामान बरामद कर लिया है, जिससे इस वारदात को अंजाम दिया गया था:
- 01 घातक पिस्टल और 04 जिंदा कारतूस (घटनास्थल से 3 खाली खोखे भी जब्त)
- 02 बिना नंबर की मोटरसाइकिलें (वारदात में इस्तेमाल)
- 07 मोबाइल फोन और बैंक पासबुक
- ₹71,500 नगद कैश
गिरफ्तार आरोपी : चम्पा चौहान, मुरलीशंकर चौहान, सुनील महंत, राजेंद्र महंत, वेदप्रकाश महंत, चंद्रशेखर महंत, राकेश महंत, गौरीशंकर सिदार और सुमित गबेल। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।




