क्रिकेट सटोरियों पर रायगढ़ पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! “ऑपरेशन क्लीन हंट” में ऑनलाइन सट्टे का बड़ा बुकी गिरफ्तार, नेटवर्क में मची खलबली…

रायगढ़ : आईपीएल और अन्य क्रिकेट मैचों में हार-जीत का दांव लगाकर युवाओं की गाढ़ी कमाई लूटने वाले सट्टा माफियाओं पर रायगढ़ पुलिस का कहर बनकर टूट रही है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के अचूक “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत खरसिया पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े और फरार बुकी को दबोचने में शानदार कामयाबी हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के सट्टा बाजार में हड़कंप मचा हुआ है।
लंबे समय से था पुलिस को चकमा, अब पहुंचा सलाखों के पीछे – लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा शातिर सटोरिया सुभेष अग्रवाल (39 वर्ष) आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। रायगढ़ चौक, खरसिया का रहने वाला सुभेष इस पूरे ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट में ‘फाइनेंस मिनिस्टर’ की तरह काम करता था। इसका मुख्य काम सट्टे के रुपयों का लेन-देन और करोड़ों का हिसाब-किताब रखना था। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर इसे दबोचा और इसके पास से सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाला एक हाई-टेक Motorola G60 Pro मोबाइल भी जब्त किया है। फिलहाल कोर्ट ने इस सटोरिए को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला? (फ्लैशबैक 2025) – इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी थीं। इसका पर्दाफाश तब हुआ था जब 29 अप्रैल 2025 को पुलिस ने इस सिंडिकेट के एक अहम मोहरे अंकित अग्रवाल को खरसिया के नवीन स्कूल के पास से दबोचा था।
- तब क्या मिला था : अंकित के पास से Samsung Galaxy S22 और ₹21,000 नकद बरामद हुए थे।
- कैसे होता था खेल : ये शातिर ALLPANELEXCH और ALLPANELEXCH 9-CO नाम के सीक्रेट व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए सट्टेबाजों को जोड़कर पूरा नेटवर्क चलाते थे। अंकित की गिरफ्तारी के बाद से ही उसके दो खास गुर्गे— सुभेष अग्रवाल और अमित अग्रवाल अंडरग्राउंड हो गए थे।
तीसरे मोहरे ‘अमित’ की सरगर्मी से तलाश – पुलिस के इस एक्शन से साफ है कि अपराधियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा। अंकित और सुभेष तो अब सलाखों के पीछे हैं, लेकिन इस त्रिमूर्ति का तीसरा सदस्य अमित अग्रवाल (निवासी स्टेशन रोड, खरसिया) अभी भी फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसके भी शिकंजे में आने की उम्मीद है।
एसएसपी का सख्त और सीधा अल्टीमेटम – रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने सटोरियों और अवैध कारोबारियों को खुली चेतावनी दी है। उनका यह बयान अपराधियों की नींद उड़ाने के लिए काफी है:
“ऑनलाइन सट्टा जैसे संगठित अपराधों में संलिप्त फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हमारा अभियान लगातार और आक्रामक रूप से जारी रहेगा। ऐसे अवैध कारोबार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कोई बख्शा नहीं जाएगा!”
इनकी रही अहम भूमिका : इस धारदार और सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, एएसआई उदय सिदार, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज, आरक्षक कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, धनंजय कश्यप और सिदार सिंह की भूमिका बेहद सराहनीय रही, जिन्होंने इस ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया।




