मौत के मुहाने पर सेल्फी और पिकनिक पर ‘ब्रेक’: रायगढ़ के पंचधारी एनीकट में अब एंट्री बैन, उल्लंघन पर होंगी सीधी FIR…

रायगढ़। लगातार हो रहे हादसों और कीमती जानों के नुकसान को देखते हुए रायगढ़ जिला प्रशासन ने पंचधारी एनीकट को लेकर अब तक का सबसे कड़ा फैसला सुनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करते हुए एनीकट क्षेत्र में नहाने, तैराकी, पिकनिक और सेल्फी लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
क्यों लिया गया यह कठोर फैसला? – प्रशासन की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, पंचधारी एनीकट की भौगोलिक संरचना बेहद जानलेवा है। यहाँ पानी का बहाव न केवल तेज है, बल्कि काई जमी फिसलन भरी चट्टानें और अचानक बढ़ती गहराई युवाओं के लिए ‘डेथ ट्रैप’ साबित हो रही हैं। हाल के दिनों में यहाँ कई छात्र और युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन ने पाया कि चेतावनी के बाद भी लोग यहाँ रील बनाने, शराब का सेवन करने और जान जोखिम में डालकर सेल्फी लेने से बाज नहीं आ रहे थे।
नए आदेश के मुख्य बिंदु: क्या करें और क्या न करें?
- नो गो जोन : एनीकट के जलभराव क्षेत्र, स्पिलवे और फिसलन वाली चट्टानों को ‘नो गो जोन’ घोषित किया गया है। यहाँ नहाना, गोताखोरी या कपड़े धोना पूरी तरह वर्जित है।
- रील और सेल्फी पर रोक : खतरनाक किनारों और रिटेनिंग वॉल पर खड़े होकर फोटो-वीडियो बनाने पर सख्त मनाही है।
- नाइट कर्फ्यू : शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक एनीकट परिसर में आम नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- नशाखोरी पर वार : एनीकट के 500 मीटर के दायरे में शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करना अपराध की श्रेणी में आएगा।
- अनुमति अनिवार्य : सामूहिक पिकनिक या कॉलेज टूर के लिए अब एसडीएम (राजस्व) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
बैरिकेडिंग और पुलिस का पहरा – निषेधाज्ञा को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए पुलिस विभाग को चेक पोस्ट बनाने और छुट्टी के दिनों में विशेष फ्लाइंग स्क्वाड तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को संवेदनशील हिस्सों में फेंसिंग करने और खतरे की स्थिति में सायरन बजाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, शिक्षा विभाग को स्कूलों में जागरूकता फैलाने का जिम्मा दिया गया है।
होगी जेल और जुर्माना – कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि इन नियमों को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाएगी। यह आदेश अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन की अपील : “यह पाबंदी आपकी सुरक्षा के लिए है। पिकनिक और मनोरंजन के चक्कर में अपनी और अपने परिवार की खुशियां दांव पर न लगाएं।”




