औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ ग्रामीणों ने वैध मांगें उठाई, शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्यवाही से ग्रामीण आक्रोशित

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के दल्ली-राजहरा क्षेत्र में पांचवीं अनुसूची के तहत संरक्षित पारंपरिक ग्राम सभा कोण्डेकसा के ग्रामीणों ने स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ अपनी वैध मांगें उठाई हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र, जगन्नाथ स्टील एंड पावर लिमिटेड तथा जीटीपीएल ट्रेसीम प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों पर पर्यावरण संरक्षण, रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग करते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा ग्रामीणों की गिरफ्तारी ने पूरे गांव में रोष पैदा कर दिया है, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है।

कोण्डेकसा ग्राम सभा ने कंपनियों से स्पष्ट मांग की है कि यदि उन्होंने ग्राम सभा से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) प्राप्त किया है, तो संबंधित दस्तावेज तुरंत प्रस्तुत करें। पर्यावरण संरक्षण के लिए लाखों पौधों का रोपण अनिवार्य किया जाए। कंपनियों द्वारा उत्पन्न धूल, धुंध, लाल पानी (रेड मड) जैसी समस्याओं से ग्रामीणों की निजी जमीनें, घर, खेतीबाड़ी, सड़कें, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन मुद्दों का तत्काल समाधान हो, अन्यथा कंपनियां पूरी जमीन खाली कर दें।

इसके अलावा, गांव के बेरोजगार युवाओं को स्थायी रोजगार प्रदान किया जाए। ग्राम कोण्डेकसा के बच्चों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था हो। परिवहन सुविधा में कंपनी 90 प्रतिशत भागीदारी दे। डीएमएफ (जिला खनिज निधि) तथा सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड सीधे पारंपरिक ग्राम सभा को सौंपा जाए। ये मांगें पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुरूप हैं, जो आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को विशेष अधिकार प्रदान करते हैं।

ग्रामीणों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन शुरू किया। लेकिन अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) सुरेश कुमार साहू के निर्देश पर 7 मई 2026 को शाम 7 बजे राजहरा पुलिस ने कार्यवाही की। बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 170, 126 तथा 135(3) के तहत माधवराम टेकाम, तामेश्वर टेकाम, दिनेश साहू, विनोद साहू, मनराखन उइके और सत्यन को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रदर्शन में भाग लेने वाले अन्य ग्रामीणों में बिसनाथ सिंह टेकाम, अरुण कोरेटी, प्रशांत नरेटी, सियाराम कोमरे, श्रवण कोरेटी, विजय कुमार नेताम, सालिक टेकाम, संतराम मंडावी, श्रीमती जागेश्वरी कोरेटी, श्रीमती बुधमती, श्रीमती चंद्रिका नरेटी, श्रीमती कुमारी बाई, श्रीमती शारदा बाई, श्रीमती गायत्री नेताम, श्रीमती संतरी बाई कोरेटी, श्रीमती परमेश्वरी टेकाम तथा श्रीमती राजबती मंडावी शामिल थे। ये सभी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, फिर भी पुलिस ने बल प्रयोग किया।
गिरफ्तारियों से कोण्डेकसा के ग्रामीण बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा की मांगें संवैधानिक हैं, जबकि कंपनियां जिम्मेदारियां न निभा रही हैं। प्रदर्शनकारी अब एसडीएम और पुलिस प्रशासन के खिलाफ बोल रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं और गिरफ्तार साथियों को रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज होगा। स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। यह घटना क्षेत्रीय औद्योगिक विकास और आदिवासी अधिकारों के बीच टकराव को उजागर करती है। कंपनियों को अब ग्राम सभा की मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा, वरना विवाद और बढ़ सकता है।




