
फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। राजहरा शहर में अवैध शराब कारोबार ने कानून व्यवस्था को बुरी तरह झकझोर रखा है, लेकिन इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बावजूद भी राजहरा पुलिस इस गंभीर समस्या के प्रति गंभीर दिख नहीं रही है। बालोद जिले के दल्ली राजहरा बस स्टैण्ड में ही संचालित जीवन होटल में देशी-विदेशी ब्रांड की अवैध शराब खुलेआम बिक रही है और परोसी जा रही है। इस संबंध में कई बार समाचार प्रकाशित भी हो चुके है बावजूद राजहरा पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। लगातार खबर छपने के बाद भी यह अवैध शराब कारोबार पूरे जोरो पर चल रहा है। मानो जैसे कुछ हुआ ही नहीं। इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि अपराधी प्रवृत्ति के लोगो के पुलिस से कैसे संबंध है। साफ जाहिर है इस अघोषित बॉर पर थानेदार तो क्या सीएसपी, एसपी, यहां तक कि दुर्ग पुलिस आईजी भी नकेल नहीं कस पा रहे है।

बाकायदा स्टिंग ऑपरेशन कर वीडियो जारी किया गया था जिसमें होटल के संचालक जीवन यादव द्वारा अपने होटल में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों में शायद कोई कचरा घुस गया होगा जिस कारण वे अघोषित बॉर वाला समाचार और वीडियो देख नहीं पाए होंगे। आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले वार्ड की ही एक कद्दावर महिला द्वारा इस अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध बालोद जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत की गई थी। जिसके कारण नाम मात्र कुछ दिनों के लिए राजहरा पुलिस ने जीवन यादव होटल में नकेल कस रखी थी। लेकिन नकेल ढीली कैसे हो गई यह बड़ा सवाल है? सबसे शर्मनाक तो यह है कि जिले में ज्यादातर अवैध शराब कारोबारियों पर कार्यवाही कर बालोद जेल घुमाया जाता है लेकिन यही पुलिस की हथकड़ी में जंग लग जाती है।

आपको बता दें कि राजहरा बस स्टैण्ड में चल रहे इस अवैध शराब बॉर को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है, क्योंकि न तो कोई प्रभावी कार्यवाही होती है और न ही पुलिस ने इस पर कठोर रवैया अपनाया है वही ऐसे अवैध शराब कारोबारी को समझाईश देकर छोड़ दिया जाता है। जिसके बाद वे और अधिक दादागिरी से अपने अवैध कारोबार को अंजाम देते हैं। शहर की जनता पुलिस की इस कारस्तानी से खासा नाराज है। उनका कहना है कि शहर में प्रमुख हृदय स्थल नया बस स्टैण्ड में चल रहे “अघोषित बॉर” पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।

सनसनीखेज खबर छपने के बावजूद भी पुलिस अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग पाई। इससे समझ आता है कि राजहरा पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर अवैध कारोबार करने वाले लोगों को खुली छूट दे रखी गई है। वही पुलिस द्वारा छुटपुट अवैध शराब कारोबारी और शराब कोचिया को झट से गिरफ्तार कर जेल दाखिल करवा दिया जाता है। जिसके बाद पुलिस विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी खुद की पीठ थप-थपाते हुए बताया जाता है कि प्रदेश की कर्तव्यनिष्ठ पुलिस द्वारा कितना बड़ा व प्रबल पराक्रम कर छोटे अवैध शराब विक्रेताओं को जेल दाखिल करवाया गया।
गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जीवन यादव द्वारा एक प्रमुख राष्ट्रीय अखबार की एजेंसी भी ली गई है। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार की छवि धूमिल न हो करके हमारे द्वारा अखबार का नाम उजागर नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में अखबार के संपादक को जानकारी होने के बावजूद वे चुप्पी साधे हुए हैं।
वही शहर में चर्चा आम है कि जीवन यादव द्वारा उस अखबार के स्थानीय संपादक से अपने अवैध शराब कारोबार की जानकारी छिपाई होगी।
इस पूरे मामले पर पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी भी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। राजहरा में चल रहे अवैध शराब कारोबार के खिलाफ खबरें और साक्ष्य सार्वजनिक होने के बावजूद कोई सख्त कदम नहीं उठाना प्रशासन की सुस्ती को दर्शाता है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचता रहेगा और जनता के स्वास्थ्य तथा सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने वाले इन अवैध शराब कारोबारियों को खुली छूट देता रहेगा।
राजहरा में अवैध शराब का तांडव : पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण और प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल




