बालोद

नतीजों की बलि चढ़ा एक और बचपन : बालोद में 10वीं में फेल होने पर छात्र ने की खुदकुशी…

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ बोर्ड परीक्षा के परिणामों के बोझ ने एक 17 वर्षीय किशोर की जान ले ली। डौंडी थाना क्षेत्र के बंधिया पारा निवासी राजवीर बघेल ने परीक्षा में असफल होने के गम में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

उम्मीदें टूटीं, तो मौत को लगाया गले – ​राजवीर के लिए यह साल केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि खुद को साबित करने की एक जंग थी। साल 2025 में 6 विषयों में फेल होने के बाद, परिवार ने उसे संबल दिया था। परिजनों ने वादा किया था कि इस बार पास होने पर उसे काम दिलाया जाएगा या दुकान खुलवा दी जाएगी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था:

  • परिणाम का सदमा : 29 अप्रैल को आए नतीजों में राजवीर फिर से 5 विषयों में अनुत्तीर्ण रहा।
  • अवसाद का घेरा : परिणाम आने के बाद से ही वह गहरे मानसिक तनाव में था।
  • खौफनाक अंत : शुक्रवार सुबह जब परिजनों ने उसका कमरा खोला, तो राजवीर का शव फंदे से लटकता मिला।

शादी की खुशियों के बीच पसरा मातम – ​राजवीर अपनी मौसी के घर एक शादी समारोह में गया हुआ था। वहीं उसने अपना रिजल्ट देखा, जिसके बाद उसकी मुस्कुराहट खामोशी में बदल गई। गुरुवार को वह अपने भाई अर्जुन के साथ घर लौटा और अगले ही दिन तड़के यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जो उसकी मानसिक पीड़ा को बयां कर रहा है।

“अंकों की इस अंधी दौड़ में हम अक्सर भूल जाते हैं कि एक मार्कशीट किसी के जीवन की कीमत से बड़ी नहीं हो सकती। राजवीर की मौत केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक ढांचे पर एक बड़ा सवाल है।”

पुलिस की कार्रवाई और जांच – घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

  • प्रारंभिक कारण: परीक्षा में असफलता से उपजा मानसिक तनाव।
  • वर्तमान स्थिति: पुलिस मामले के हर पहलू और सुसाइड नोट की बारीकी से जांच कर रही है।

एक अपील : हार जीवन का अंत नहीं – यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारी शिक्षा प्रणाली और समाज बच्चों पर उम्मीदों का इतना बोझ डाल रहा है कि वे असफलता को स्वीकार ही नहीं कर पा रहे?

याद रखें : परीक्षा का परिणाम आपके भविष्य की एक सीढ़ी हो सकता है, लेकिन वह आपका भविष्य तय नहीं करता। यदि आप या आपके आसपास कोई तनाव में है, तो कृपया बात करें। सहायता उपलब्ध है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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