घरघोड़ा पुलिस का ‘हंटर’ : 24 घंटे के भीतर दो चोरियों का खुलासा; ज्वेलर्स समेत 3 गिरफ्तार…

रायगढ़। ‘अपराध करो और बच जाओ’, रायगढ़ पुलिस के राज में अब यह मुमकिन नहीं है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कड़े तेवरों का असर जमीन पर दिखने लगा है। घरघोड़ा पुलिस ने नावापारा टेण्डा में हुई दो बड़ी चोरियों की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए न सिर्फ चोरों को दबोचा, बल्कि चोरी का माल खरीदने वाले एक ज्वेलर्स को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है।
वारदात : सूने मकान और राशन दुकान को बनाया था निशाना – बीती 21-22 फरवरी की दरमियानी रात नावापारा टेण्डा में बदमाशों ने दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया था:
- मनीष महंत के घर से सोने की फुली और चांदी के जेवरात पार किए गए।
- संजय महाराज की राशन दुकान का दरवाजा तोड़कर ₹15,000 का सामान (कॉस्मेटिक्स, तेल, बिजली उपकरण) समेट लिया गया।
एक्शन : ‘चकदे’ का प्लान हुआ फेल, पुलिस ने घेरा – SSP शशि मोहन सिंह के निर्देशन और थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया। संदेह के आधार पर ओमप्रकाश अगरिया उर्फ ‘चकदे’ और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ में ‘चकदे’ का सारा टशन निकल गया और उसने दोनों चोरियों का जुर्म कबूल कर लिया।
“संपत्ति संबंधी अपराधों और चोरी का माल खरीदने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।” – शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
ज्वेलर्स भी लपेटे में: चोरी का सोना खरीदना पड़ा भारी – पुलिस ने इस मामले में केवल चोरों तक सीमित न रहकर जड़ पर प्रहार किया। आरोपी ओमप्रकाश की निशानदेही पर आर.जी. ज्वेलर्स के संचालक गौतम मंडल को गिरफ्तार किया गया, जिसने चोरी की चांदी खरीदी थी। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चोरी का सामान खरीदने वाले भी उतने ही बड़े अपराधी हैं जितने कि चोर।
शत-प्रतिशत बरामदगी (100% रिकवरी) – पुलिस की मुस्तैदी का आलम यह रहा कि चोरी की गई ₹45,100 मूल्य की पूरी संपत्ति बरामद कर ली गई है। इसमें सोने-चांदी के जेवर सहित राशन दुकान का एक-एक सामान शामिल है।
ये गए जेल :
- ओमप्रकाश अगरिया उर्फ चकदे (25 वर्ष) – मुख्य आरोपी।
- गौतम मंडल (ज्वेलर्स) – चोरी का माल खरीदने वाला।
- विधि से संघर्षरत बालक – सह-आरोपी।
मुख्य भूमिका : इस त्वरित कार्रवाई में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल, उद्धो पटेल और सहयोगी कालिया गुप्ता की अहम भूमिका रही।




