रायगढ़ में ड्रग माफिया की कमर तोड़ने की तैयारी : 15 मेडिकल स्टोर्स को ‘अंतिम चेतावनी’…

रायगढ़। नशा मुक्त समाज के संकल्प को साकार करने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने अब सीधे दवा के अवैध कारोबार पर प्रहार किया है। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के ‘नशा मुक्ति अभियान’ के तहत मंगलवार को संयुक्त टीम ने शहर के औषधि प्रतिष्ठानों पर “सर्जिकल स्ट्राइक” जैसी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया।
बिना पर्ची दवा बेची तो गिरेगी गाज : जिला प्रशासन, पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान पाया कि कई मेडिकल स्टोर्स पर नियमों को ताक पर रखकर दवाओं का खेल चल रहा है। टीम ने मौके पर 15 प्रमुख मेडिकल स्टोर्स को कड़ी चेतावनी जारी की है। प्रशासन का संदेश साफ है: “डॉक्टर की पर्ची नहीं, तो दवा नहीं।”
प्रशासन के रडार पर ये मेडिकल स्टोर्स : जांच टीम ने निम्नलिखित प्रमुख संस्थानों सहित अन्य स्टोर्स को नियमों की अनदेखी पर फटकार लगाई और रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए:
- गुजराल मेडिकल, सलूजा मेडिकल, लक्ष्मी मेडिकल
- महामाया, प्रमोद, निरूपमा मेडिकल
- आशीर्वाद, नेहा और विजय मेडिकल स्टोर्स
कड़ी कार्रवाई का ब्लूप्रिंट : सहायक औषधि नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि भविष्य की कठोर कार्रवाई का ट्रेलर है। जांच के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर सख्ती बरती गई:
- अवैध भंडारण पर रोक : स्वापक (Narcotics) एवं मनःप्रभावी औषधियों के स्टॉक की बारीकी से जांच।
- रिकॉर्ड संधारण : हर एक नशीली दवा की बिक्री का हिसाब अनिवार्य।
- कानूनी हंटर : नियमों का उल्लंघन मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और जेल भेजने की तैयारी।




