किस्त के कर्ज ने बनाया ‘धान चोर’ : बालोद पुलिस ने सुलझाई हाई-प्रोफाइल 900 बोरी धान चोरी की गुत्थी, ट्रक मालिक समेत 4 गिरफ्तार…

बालोद। कर्ज का बोझ और फाइनेंस कंपनी का दबाव इंसान से क्या कुछ नहीं करवाता, इसका एक सनसनीखेज उदाहरण बालोद जिले में देखने को मिला है। मालीघोरी क्षेत्र में पिछले महीने हुई 900 कट्टा धान की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जिसका मास्टरमाइंड खुद एक ट्रक मालिक निकला।
किस्त चुकाने की सनक और ‘मास्टर प्लान’ – पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी नेतराम देवांगन ने कबूला कि उसके पास दो ट्रक हैं, जिनकी ईएमआई (EMI) नहीं चुका पाने के कारण फाइनेंस कंपनी वाले उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इस कर्ज से मुक्ति पाने के लिए उसने अपराध का रास्ता चुना। नेतराम ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर तीन दिनों तक मालीघोरी इलाके में रेकी की और 16 जनवरी को चाबी लगे एक धान से भरे ट्रक को पार कर दिया।
शातिर अंदाज : GPS तोड़ा, बारदाने बदले – आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए शातिराना तरीका अपनाया:
- टेक्नोलॉजी को चुनौती : सबसे पहले ट्रक में लगा GPS सिस्टम उखाड़कर फेंक दिया ताकि लोकेशन ट्रैक न हो सके।
- पहचान मिटाने की साजिश : सरकारी धान की पहचान छिपाने के लिए उन्होंने ‘शासकीय बारदानों’ को बदलकर धान को स्थानीय बोरों में भर दिया।
- सुरक्षित ठिकाना : चोरी के 280 कट्टे धान को अपने निजी ट्रक में शिफ्ट कर ससुराल (ग्राम कंगलूटोला) में छिपा दिया।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी : एसपी योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल इनपुट के जरिए कड़ियां जोड़ीं। पुलिस ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को धर दबोचा:
- नेतराम देवांगन (मुख्य आरोपी)
- काशीराम देवांगन
- तरुण उर्वसा उर्फ लल्ला
- धर्मेंद्र धनकर
बरामदगी : पुलिस ने आरोपियों के पास से 179 कट्टा धान, वारदात में प्रयुक्त ट्रक (CG 08 AQ 7884) और एक मोटरसाइकिल जब्त की है।
खाकी का एक्शन : एएसपी मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा और साइबर सेल की टीम ने इस अंधे कत्ल जैसी गुत्थी को सुलझाने में कामयाबी हासिल की। आरोपियों के खिलाफ धारा 316(3) BNS के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।




