पुआल की आड़ में इमारती लकड़ी का ‘काला खेल’ : SDM की पैनी नजर और वन विभाग का कड़ा प्रहार…

बलरामपुर। जिले के धमनी वन परिक्षेत्र में लकड़ी तस्करों के एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। तस्करों ने वन संपदा की चोरी के लिए ऐसा ‘देसी जुगाड़’ अपनाया कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए, लेकिन एसडीएम की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
पिकअप में धान का पुआल… और नीचे ‘खजाना’ : मामला तब प्रकाश में आया जब रामानुजगंज एसडीएम आनंद राम नेताम को एक पिकअप वाहन पर शक हुआ। यह वाहन सामान्य कृषि कार्य में लगे ट्रक जैसा दिख रहा था, जिस पर धान का पुआल (पैरा) ऊपर तक लदा था। एसडीएम की सूचना पर रेंजर अजय वर्मा अपनी टीम के साथ तत्काल घेराबंदी कर मौके पर पहुंचे।
जांच में खुला तस्करी का राज : जब वन विभाग की टीम ने पुआल को हटाना शुरू किया, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। ऊपर से घास-फूस दिखने वाली उस पिकअप के नीचे भारी मात्रा में अवैध कीमती इमारती लकड़ी छिपाई गई थी।
- जब्ती : अवैध इमारती लकड़ी सहित पिकअप वाहन को राजसात किया गया है।
- अनुमानित कीमत : जब्त वनोपज का बाजार मूल्य लगभग 80 हजार रुपए आंका गया है।
- कार्रवाई : वन विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
चालक फरार, तलाश जारी : छापेमारी के दौरान चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। रेंजर अजय वर्मा ने बताया कि वाहन के दस्तावेजों के आधार पर मालिक और फरार चालक की शिनाख्त की जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
“प्रशासन और वन विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई तस्करों के लिए एक बड़ा सबक है। हम तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”




