जशपुर ब्रेकिंग : कुत्ते को बचाने के चक्कर में पलटी तेज रफ्तार बस, 35-40 यात्री थे सवार; एंबुलेंस के इंतजार में तड़पते रहे घायल…

जशपुर/फरसाबहार: जशपुर जिले में आज एक बड़ा सड़क हादसा उस वक्त हो गया जब यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन बस में सवार कई यात्रियों को चोटें आई हैं। हादसा अंकिरा और तपकरा के बीच बाघमारा गांव के पास घटित हुआ।
घटना का विवरण : जानकारी के मुताबिक, यह बस माटी पहाड़ छर्रा से जिला मुख्यालय जशपुर के लिए निकली थी। बस में तकरीबन 35 से 40 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार काफी तेज थी। जब बस अंकिरा से तपकरा मार्ग पर बाघमारा के समीप पहुंची, तभी अचानक सड़क पर एक कुत्ता आ गया।
ड्राइवर ने कुत्ते को बचाने के लिए बस को तेजी से मोड़ने का प्रयास किया, जिससे तेज रफ्तार बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। बस के पलटने से उसके चारों चक्के ऊपर हो गए।
चीख-पुकार और अफरातफरी : बस पलटते ही मौके पर कोहराम मच गया। अंदर फंसे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण और राहगीरों ने तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया और बस के शीशे तोड़कर व अन्य रास्तों से यात्रियों को बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को जानलेवा या बेहद गंभीर चोटें नहीं आई हैं, हालांकि कई लोगों को अंदरूनी चोटें और खरोंचें लगी हैं।
सिस्टम की लापरवाही : 10 किमी की दूरी तय करने में 108 को लगे डेढ़ घंटे : इस हादसे ने एक बार फिर जिले की लचर स्वास्थ्य सेवाओं और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की पोल खोल दी है।
- स्थानीय लोगों का आक्रोश : घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई थी।
- दूरी और समय : घटनास्थल (बाघमारा) से फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी महज 10 किलोमीटर है। कायदे से एंबुलेंस को यहाँ पहुँचने में 15 से 20 मिनट लगने चाहिए थे, लेकिन एंबुलेंस को पहुँचने में डेढ़ घंटे का समय लग गया।
- निजी वाहनों से भेजा गया अस्पताल : एंबुलेंस के न पहुँचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने घायलों को निजी वाहनों (पिकअप और कारों) की मदद से अस्पताल पहुँचाया।
घायलों की स्थिति : सभी घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार जारी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया है और यातायात को सुचारू कराया।
कुत्ते को बचाने की यह कोशिश यात्रियों की जान पर बन आई। वहीं, 108 एंबुलेंस की लेटलतीफी ने प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि फरसाबहार क्षेत्र में इमरजेंसी सेवाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।




