बड़ी खबर : जिला पंचायत अध्यक्ष की राइस मिल पर प्रशासन का छापा, 1200 क्विंटल से अधिक धान गायब…

बैकुंठपुर। भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया है। एसडीएम के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी ने सीधे सत्ता के गलियारों में दस्तक दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा की राइस मिल समेत दो मिलों पर प्रशासन का डंडा चला है, जहाँ भारी मात्रा में धान की कमी और अवैध भंडारण का काला खेल उजागर हुआ है।
जांच में खुले बड़े राज : गायब मिला ‘सरकारी’ धान – प्रशासनिक टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
- 1235 क्विंटल धान गायब: मोहित राइस मिल में सत्यापन के दौरान पिछले वर्ष का करीब 500 क्विंटल धान कम पाया गया। कुल मिलाकर दोनों मिलों से 1235 क्विंटल धान के स्टॉक में कमी मिली है।
- अवैध भंडारण पर शिकंजा: छापेमारी के दौरान 384 बोरा अवैध धान भी बरामद किया गया है, जिसे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है।
- बिजली बिल का बकाया: जांच में केवल धान की हेराफेरी ही नहीं, बल्कि वित्तीय लापरवाही भी सामने आई है। मिल का पिछले दो महीनों का बिजली बिल लंबित पाया गया है, जिस पर अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
“प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद सख्त वैधानिक कार्रवाई की तैयारी है।”
सत्ता के गलियारों में मची खलबली – चूंकि मोहित पैकरा वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं, इसलिए इस कार्रवाई ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है। राइस मिल संचालकों के बीच इस औचक निरीक्षण के बाद से दहशत का माहौल है।
आगे क्या? – अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल जब्ती की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। धान के गायब होने और अवैध स्टॉक के पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। नियमानुसार भारी जुर्माने के साथ-साथ मिल के लाइसेंस पर भी गाज गिर सकती है।

