वीआईपी अलर्ट के दौरान बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ : 1.11 करोड़ की जब्ती, 11 गिरफ्तार…

जांजगीर-चांपा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिले में जारी हाई अलर्ट के बीच अकलतरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 22 दिसंबर की रात जिला जेल के पास चेकिंग के दौरान एक कंटेनर से चोरी का 12 टन बिजली केबल बरामद किया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है।
संदिग्ध कंटेनर ने खोला राज – मामला तब सामने आया जब अकलतरा पुलिस की टीम देर रात वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी बीच मध्य प्रदेश (MP) पासिंग एक ट्रक कंटेनर को संदिग्ध जानकर रोका गया। पुलिस के सवालों पर ड्राइवर घबरा गया, जिससे शक गहरा गया। जब कंटेनर खोला गया, तो पुलिस के होश उड़ गए। अंदर बिजली के मोटे तारों के बंडल, गैस कटर, गैस सिलेंडर और वायर काटने वाले भारी औजार भरे हुए थे।
ऐसे चलता था ‘करोड़ों का खेल’ – गिरोह का मास्टरमाइंड आसिफ खान पिछले पांच वर्षों से नैला में किराए के मकान में रहकर अपना नेटवर्क चला रहा था। वह यहां के कबाड़ियों से लगभग 40 हजार रुपये प्रति किलो में केबल खरीदकर दिल्ली-बरेली बॉर्डर पर इमरान नामक कबाड़ी को 70 हजार रुपये प्रति किलो तक के भाव में बेचता था।
जब्ती का विवरण:
- बिजली केबल: 12 टन (कीमत ₹80 लाख)
- वाहन: एक कंटेनर, एक बोलेरो और दो बाइक।
- उपकरण: गैस कटर, वायर कटर और सिलेंडर।
- कुल मशरूका: लगभग 1 करोड़ 11 लाख रुपये।
स्पेशलिस्टों की गैंग : टावर चढ़ने से लेकर डील करने तक के एक्सपर्ट – पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बेहद पेशेवर तरीके से काम करता था। गैंग में हर सदस्य की भूमिका तय थी:
- टावर एक्सपर्ट : जो ऊंची लाइनों पर चढ़कर तार काटने में माहिर थे।
- ट्रांसपोर्टर : जो चोरी के माल को राज्यों की सीमाओं के पार ले जाते थे।
- डीलर : जो कबाड़ियों से संपर्क और पैसों का लेनदेन संभालते थे।
गिरफ्तार आरोपी: मुख्य आरोपी आसिफ रजा के साथ फिरोज खान (ड्राइवर, भिंड म.प्र.), लव डोंगरे, मुकेश यादव, राहुल सोनी, राहुल कारके, अभिषेक यादव, सुमित कारके, राकेश सूर्यवंशी, विश्वनाथ सोनी और रवि कुमार कश्यप को बीएनएस की धारा 303 (2) के तहत जेल भेज दिया गया है।
बिजली विभाग के भीतर भी हो सकते हैं ‘विभीषण’ – एसपी विजय कुमार पांडेय ने इस मामले को ‘नेशनल लॉस’ (राष्ट्रीय क्षति) करार दिया है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि चलती लाइन से तार काटने के इस जोखिम भरे काम में बिजली विभाग के कर्मचारियों की संलिप्तता भी हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सीआई (CI) जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
”यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा व्यवस्था पर हमला है। पूरी टीम, विशेषकर सायबर सेल प्रभारी सागर पाठक और अकलतरा थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने उत्कृष्ट कार्य किया है, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।”
विजय कुमार पांडेय, एसपी
प्रमुख बिंदु (Highlights):
- राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा जांच में हुआ खुलासा।
- 12 टन केबल बरामद, दिल्ली-बरेली में होती थी सप्लाई।
- अकलतरा पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त कार्रवाई।
- आरोपियों पर बीएनएस की नई धाराओं के तहत कार्रवाई।



