लैलूंगा : खनिज माफियाओं पर कलेक्टर का ‘हंटर’: अवैध उत्खनन पर 8.93 लाख का भारी जुर्माना…

रायगढ़ | जिले में अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जंग छेड़ दी है। लैलूंगा में पत्थर का सीना चीरने वाले अवैध उत्खननकर्ता पर खनिज विभाग ने 8.93 लाख रुपए की भारी भरकम शास्ति (जुर्माना) ठोक दी है। प्रशासन की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से जिले के खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
ग्रामीणों की हुंकार और प्रशासन का प्रहार : मामला लैलूंगा तहसील का है, जहां लंबे समय से पत्थर का अवैध खेल चल रहा था। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने खनिज विभाग की टीम को मौके पर भेजा।
जुर्म कबूला, तो मिला तगड़ा झटका : प्रशासनिक सख्ती के आगे आरोपी के हौसले पस्त हो गए और उसने मौके पर ही अवैध उत्खनन की बात स्वीकार कर ली। खनिज विभाग ने बिना देर किए छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की सख्त धाराओं के तहत शिकंजा कसा।
- जुर्माना राशि : 8,93,640 रुपये
- कार्रवाई का आधार : अवैध उत्खनन एवं नियमों का उल्लंघन
- अंजाम : पूरी राशि सरकारी खजाने (खनिज मद) में जमा करा ली गई है।
“जिले में खनिजों की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई तो बस शुरुआत है। हमारा अमला लगातार फील्ड पर नजर बनाए हुए है।”
मयंक चतुर्वेदी, कलेक्टर, रायगढ़
माफियाओं को अल्टीमेटम : कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खनिज संपदा की चोरी करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई ने संकेत दे दिया है कि अब नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं है। खनिज विभाग की टीमें अब परिवहन और भंडारण के ठिकानों पर भी दबिश देने की तैयारी में हैं।




