ख़बर का असर: होली क्रॉस की प्रचार्या पर FIR – पुलिस पर लीपापोती के आरोप, भाजपा ने दी आंदोलन की चेतावनी

अंबिकापुर। अंबिकापुर के होली क्रॉस विमेन्स कॉलेज में विकृत भारत नक्शा प्रदर्शित करने के विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। कॉलेज की प्राचार्या शांता जोसफ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505(1)(B) के तहत FIR दर्ज हो चुकी है, लेकिन पुलिस की कार्यवाही पर ही सवाल उठ रहे हैं।
विकृत नक्शे से भड़का विवाद : 5 और 6 जनवरी 2024 को कॉलेज की एनुअल स्पोर्ट्स मीट के दौरान ऐसा नक्शा प्रदर्शित किया गया, जिसमें न तो अक्साई चीन दिखाया गया और न ही पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK)।
यह विवादित नक्शा कॉलेज के आधिकारिक फेसबुक पेज पर 19 जनवरी 2024 को अपलोड हुआ था और लगभग 19 महीनों तक वहीं मौजूद रहा।
1 सितंबर 2025 को नई तस्वीरें पोस्ट होने पर यह फिर से सामने आया और भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने गांधी नगर थाने में लिखित शिकायत दी।

FIR दर्ज, लेकिन अधूरी धाराएँ : पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली, मगर केवल धारा 505(1)(B) में। भाजपा नेताओं का आरोप है कि—
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धाराएँ नहीं जोड़ी गईं।
- देशद्रोह जैसी गंभीर धारा भी गायब है।
उनका कहना है कि यह पुलिस की मंशा पर गहरा संदेह खड़ा करता है।
“राजनीतिक दबाव में पुलिस” – भाजपा : सूत्रों का दावा है कि एक ईसाई विधायक ने प्राचार्या को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया है। भाजपा नेताओं ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा –
“जब तक प्राचार्या शांता जोसफ अपने पद पर बनी रहेंगी, निष्पक्ष जाँच संभव नहीं है। यह कॉलेज शासकीय अनुदान प्राप्त है, इसलिए शासन को तुरंत हस्तक्षेप कर प्राचार्या को पद से हटाना चाहिए।”
आंदोलन की चेतावनी :
भाजपा और ABVP ने साफ कर दिया है कि यदि प्राचार्या को पदमुक्त नहीं किया गया तो छात्र संगठन सड़क पर उतरेंगे। ABVP पहले ही सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जाँच की माँग कर चुकी है।
- क्या प्राचार्या के रहते जाँच निष्पक्ष हो पाएगी?
- क्या पुलिस राजनीतिक दबाव में देशद्रोह जैसे गंभीर मामले को हल्का करने की कोशिश कर रही है?
- और क्या शासन हस्तक्षेप कर आरोपित प्राचार्या को पद से हटाएगा?
यह विवाद अब सिर्फ़ एक कॉलेज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानून, राजनीति और प्रशासन की निष्पक्षता की असली परीक्षा बन चुका है।




