ग्राम पंचायत राजपुर: सरकारी बजट की बंदरबांट और फर्जीवाड़े की आशंका, लाखों रुपये के संदिग्ध भुगतान पर उठे सवाल

राजपुर। ग्राम पंचायत राजपुर (LGD Code: 128226) में विकास कार्यों और 15वें वित्त आयोग (XVFC) की राशि में भारी गबन और फर्जी भुगतानों की गंभीर आशंका जताई जा रही है। ‘मेरी पंचायत’ ऐप (Meri Panchayat) पर उपलब्ध शासकीय बैंक ट्रांजैक्शन विवरणों के अनुसार, लाखों रुपये की राशि का आहरण विभिन्न मदों में किया गया है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहे हैं।
समान कार्यों के नाम पर एक ही दिन में टुकड़ों में भुगतान
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए निविदा (Tender) और वित्तीय स्वीकृतियों से बचने के लिए एक ही प्रकार के कार्यों का भुगतान 50,000 रुपये की सीमा के ठीक नीचे टुकड़ों में किया गया है:
स्ट्रीट लाइट भुगतान (19 जुलाई 2026): एक ही दिन में 49,550 रुपये और 49,450 रुपये के दो अलग-अलग बिल बनाकर लगभग 99,000 रुपये की निकासी की गई।
पछड़ी मजदूरी (19 जुलाई 2026): एक ही तिथि को 3,406 रुपये के 5 अलग-अलग लगातार भुगतान दर्ज किए गए हैं।
पंप एवं विद्युत सामग्री (24 अगस्त व 8 सितंबर 2026): 49,700 रुपये और 49,890 रुपये के कई संदिग्ध भुगतान लगातार दर्शाए गए हैं।
बोर खनन एवं निर्माण कार्य: 1,20,000 रुपये और 50,000 रुपये जैसी बड़ी राशियां बोर खनन और निर्माण के नाम पर निकाली गई हैं।
पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
ग्राम पंचायत के छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक खाते (खाता संख्या: *0444) से वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान 15वें वित्त आयोग की राशि का धड़ल्ले से आहरण किया गया। ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि धरातल पर कार्य शून्य हैं या केवल कागजों में काम दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया है।
उच्चस्तरीय जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, जिला पंचायत सीईओ और भ्रष्टाचार निवारण विभाग से तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
मुख्य मांगें:
ग्राम पंचायत राजपुर के 15वें वित्त आयोग के समस्त खातों की भौतिक एवं वित्तीय ऑडिट (Physical & Financial Audit) कराई जाए।
50,000 रुपये से ठीक कम राशि के समान बिलों/वाउचरों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच की जाए।
धरातल पर कराए गए कार्यों (स्ट्रीट लाइट, बोर खनन, पछड़ी निर्माण) का स्थलीय निरीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।




