लोन के बहाने प्यार, शादी का झांसा और फिर दगाबाजी… रायगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ा ‘फरेबी’ फाइनेंसर!…

रायगढ़ (26 जून 2026): महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों की अब रायगढ़ जिले में खैर नहीं है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के ‘अभियान संवेदना’ ने अपराधियों की नींद हराम कर दी है। इसी कड़ी में, एक युवती को शादी का झांसा देकर उसकी अस्मत लूटने वाले एक फरेबी फाइनेंसर को रायगढ़ की महिला थाना पुलिस ने सक्ती जिले से धर दबोचा है। आरोपी अब हवालात की हवा खा रहा है।
क्या है पूरा मामला? फरेब की शुरुआत…जानकारी के मुताबिक, 28 वर्षीय पीड़िता ने साल 2024 में एक निजी फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कंपनी के फाइनेंसर हितेश कुमार केंवट से हुई। लोन की किश्तें लेने के बहाने हितेश ने युवती के घर आना-जाना शुरू किया और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ा लीं।
मीठी-मीठी बातों में फंसाकर हितेश ने युवती को जिंदगी भर साथ निभाने और शादी करने का ऐसा झूठा ख्वाब दिखाया कि युवती उस पर भरोसा कर बैठी। इसके बाद आरोपी ने रायगढ़ स्थित युवती के किराये के मकान में उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
जब खुला दगाबाजी का राज…फरेब का यह खेल बदस्तूर जारी था, लेकिन कहते हैं न कि झूठ की उम्र लंबी नहीं होती! अप्रैल 2026 में पीड़िता के पैरों तले जमीन तब खिसक गई, जब उसे भनक लगी कि हितेश गुपचुप तरीके से किसी और लड़की से शादी रचाने जा रहा है।
अपने साथ हुए इस बड़े धोखे का जवाब मांगने जब पीड़िता हितेश के घर पहुंची और उसके घरवालों से बात की, तो आरोपी हितेश ने साफ तौर पर शादी करने से इंकार कर दिया और उसे दुत्कार दिया।
खाकी का एक्शन: शिकायत मिलते ही सीधा ‘शिकार’ – इंसाफ की गुहार लेकर पीड़िता रायगढ़ के महिला थाने पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तनिक भी देरी नहीं की।
- दर्ज हुआ मामला : पुलिस ने फौरन आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 59/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और धारा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत संगीन मामला दर्ज किया।
- दबिश और गिरफ्तारी : थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने आला अधिकारियों को सूचना दी। डीएसपी उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष टीम का गठन हुआ। पुलिस टीम ने सीधे सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी हितेश कुमार केवट (26 वर्ष) को उसके गांव कांसा से धर दबोचा।
भेजा गया जेल – पुलिस ने बिना समय गंवाए आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से इस ‘फरेबी आशिक’ को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इनकी रही अहम भूमिका:
अपराधियों में खौफ और पीड़ितों में ‘संवेदना’ जगाने वाली इस त्वरित कार्रवाई में डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे और पूरी महिला थाना टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही।




