लैलूंगा को 74 करोड़ की सौगात : वित्त विभाग ने दी हरी झंडी, अब शासन के अंतिम आदेश का इंतजार; कुंजारा–तमनार मार्ग से बदलेगी पूरे अंचल की तस्वीर…

- लैलूंगा मंडल अध्यक्ष मनोज सतपथी की मुखर पहल लाई रंग; घोषणा के बाद वित्त से मिली बड़ी क्लीयरेंस, निर्माण की उल्टी गिनती शुरू…
रायगढ़। जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और आवागमन को नई ऊंचाई देने के लिए बहुप्रतीक्षित कुंजारा–केशला–तोलगे–मिलूपारा होते हुए तमनार मुख्य मार्ग के निर्माण की दिशा में सबसे बड़ी प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है। 74 करोड़ रुपये से अधिक के इस महाप्रोजेक्ट को वित्त विभाग ने अपनी वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब परियोजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए केवल शासन के औपचारिक प्रशासकीय आदेश व निविदा प्रक्रिया का इंतजार है। जैसे ही यह अंतिम आदेश जारी होगा, क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा।
वित्त विभाग से 74 करोड़ रुपये की वित्तीय मुहर लगने की खबर सामने आते ही लैलूंगा से लेकर तमनार तक के ग्रामीण अंचलों में खुशी और भारी उत्साह की लहर दौड़ गई है।
मंच से उठी मांग, लेटरहेड पर पत्र और धरातल पर उतरा संकल्प – इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण की नींव 4 अक्टूबर 2024 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लमडांड के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान पड़ी थी। उस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी लैलूंगा मंडल अध्यक्ष मनोज सतपथी ने अपने स्वागत उद्बोधन में सार्वजनिक मंच से आम जनता की वर्षों पुरानी पीड़ा को बेबाकी से रखा था।
श्री सतपथी ने न केवल मंच से इस सड़क के निर्माण की पुरजोर वकालत की, बल्कि कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को अपने आधिकारिक लेटरहेड पर लिखित मांग-पत्र भी सौंपा।
जनहित की इस बुनियादी आवश्यकता और जनता के दर्द को भांपते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उसी कार्यक्रम के खुले मंच से इस मार्ग के निर्माण की घोषणा कर दी थी। इसके पश्चात प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी झगरपुर में आयोजित जनसभा के दौरान सार्वजनिक रूप से इस मार्ग के निर्माण का संकल्प दोहराया था।
वित्त विभाग की मंजूरी : वादे से हकीकत की ओर बड़ा कदम – नेताओं की अक्सर कई घोषणाएं फाइलों में अटक जाती हैं, लेकिन इस मामले में भाजपा संगठन की सक्रियता और सरकार की संवेदनशीलता के चलते फाइल ने तेज रफ्तार पकड़ी। वित्त विभाग द्वारा 74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत किए जाने का अर्थ है कि योजना के लिए बजट का पूरा प्रावधान पक्का हो चुका है।
अब केवल शासन के संबंधित विभाग से अंतिम विभागीय/प्रशासकीय आदेश और टेंडर प्रक्रिया की औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके पूरे होते ही मशीनों की गड़गड़ाहट सड़कों पर गूंजने लगेगी।
क्यों ‘लाइफलाइन’ साबित होगा यह मार्ग? – कुंजारा से तमनार तक का यह मार्ग केवल डामर और गिट्टी की सड़क नहीं, बल्कि लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ बनने जा रहा है:
- आसान और सुरक्षित आवागमन : कुंजारा, केशला, तोलगे, मिलूपारा और तमनार समेत दर्जनों गांव सीधे एक मजबूत मुख्य सड़क तंत्र से जुड़ेंगे।
- स्वास्थ्य और शिक्षा को गति : आपातकालीन स्थिति में मरीजों को उच्च स्तरीय अस्पतालों तक पहुंचाना सुलभ होगा। स्कूली बच्चों और कॉलेज छात्रों को रोज के जोखिम भरे सफर से निजात मिलेगी।
- व्यापार और औद्योगिक तालमेल : तमनार औद्योगिक बेल्ट और लैलूंगा कृषि क्षेत्र के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों को रोजगार व व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।
वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने पर भाजपा लैलूंगा मंडल अध्यक्ष मनोज सतपथी ने इसे जनभावनाओं की ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने कहा : “यह केवल सड़क की स्वीकृति नहीं है, बल्कि लैलूंगा की आम जनता की उम्मीदों, संघर्ष और उनके विश्वास की जीत है। 4 अक्टूबर 2024 को लमडांड के मंच से मैंने जनता का जो दुख लिखित और मौखिक रूप से प्रदेश नेतृत्व के सामने रखा था, आज उस पर वित्त विभाग ने 74 करोड़ से अधिक की मुहर लगाकर साबित कर दिया है कि विष्णु देव साय की सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, काम करके दिखाती है। अब बस शासन के आदेश की औपचारिकता बाकी है, जिसके तुरंत बाद लैलूंगा को एक मजबूत और चमचमाती मुख्य सड़क समर्पित होगी।”
श्री सतपथी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, क्षेत्रीय सांसद श्री राधेश्याम राठिया एवं राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रति क्षेत्र की जनता की ओर से आभार प्रकट किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन की सरकार में लैलूंगा विधानसभा विकास के नए प्रतिमान गढ़ेगी।




