सूरजपुर में 12 वर्षीय आदिवासी बच्ची की संदिग्ध मौत : ठेकेदार श्रवण जायसवाल गिरफ्तार, दुष्कर्म व हत्या के आरोपों के बीच दोबारा पोस्टमार्टम…

सूरजपुर। बलरामपुर के चांदो क्षेत्र की 12 वर्षीय नाबालिग आदिवासी बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी ठेकेदार श्रवण कुमार जायसवाल (67 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग से बंधक बनाकर घरेलू काम कराने, प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोपों के तहत यह कार्रवाई की गई है।
दूसरी ओर, परिजनों और आदिवासी समाज ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने की गंभीर आशंका जताई है। न्याय की मांग को लेकर परिजनों द्वारा बच्ची का शव सीधे आईजी कार्यालय ले जाए जाने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
घर जाने की जिद पर प्रताड़ना, कमरे में मिला था शव – जानकारी के अनुसार, बच्ची पिछले एक महीने से भटगांव कोरंधा निवासी श्रवण जायसवाल के घर घरेलू काम कर रही थी। 1 सितंबर को घर के एक कमरे में उसका शव संदिग्ध हालत में मिला। मकान मालिक के परिजनों ने दावा किया कि उसने दुपट्टे से फांसी लगाकर जान दी है।
पुलिसिया जांच, घटनास्थल के मुआयने और गवाहों के बयानों में खुलासा हुआ है कि बच्ची काम छोड़कर अपने घर लौटना चाहती थी, लेकिन 67 वर्षीय ठेकेदार उसे जाने नहीं दे रहा था। बच्ची से जबरन मजदूरी कराई जा रही थी और लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा था। पुलिस का प्राथमिक निष्कर्ष है कि इसी बंधक जीवन और प्रताड़ना से तंग आकर बच्ची ने आत्मघाती कदम उठाया।
परिजनों के गंभीर आरोप: “गले पर फंदे के निशान नहीं, प्राइवेट पार्ट में सूजन” – घटना के बाद जरही कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कर भटगांव सीएचसी में पहला पोस्टमार्टम कराया गया था। परिजन इस रिपोर्ट और पुलिसिया कार्रवाई से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हुए।
परिजनों का सीधा आरोप था कि बच्ची के गले पर फांसी का कोई स्पष्ट निशान नहीं था, जबकि उसके प्राइवेट पार्ट में गंभीर सूजन पाई गई थी। परिजनों और आक्रोशित समाज ने बच्ची के साथ हैवानियत और हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सरगुजा आईजी कार्यालय के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आईजी के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम, धाराएं दर्ज – मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने तत्काल हस्तक्षेप किया। आईजी के निर्देश पर 4 सितंबर को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि, दूसरी पीएम रिपोर्ट का आधिकारिक खुलासा होना अभी बाकी है।
सूरजपुर पुलिस ने आरोपी श्रवण कुमार जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 107 (आत्महत्या के लिए उकसाना), जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट की धारा 75, बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध अधिनियम की धारा 14 तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत संगीन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच का दायरा और कड़ा किया जाएगा।




