रायगढ़ में चिटफंड का बड़ा पर्दाफाश: 165 गरीब महिलाओं से 50 लाख की ठगी, ‘फ्लोरा मैक्स’ के 2 शातिर डायरेक्टर गिरफ्तार!…

रायगढ़, 27 जून 2026 — रायगढ़ जिले में गरीब और भोली-भाली ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार का सुनहरा सपना दिखाकर लाखों रुपये डकारने वाले शातिर चिटफंड गिरोह पर पुलिस का भारी डंडा चला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने एक बड़ी और धारदार कार्रवाई करते हुए ‘फ्लोरा मैक्स’ कंपनी के दो फरार डायरेक्टर्स को धर दबोचा है। इन ठगों ने 165 महिलाओं से करीब 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
मासूम महिलाओं को ऐसे बनाया ठगी का शिकार – धरमजयगढ़ के नीचेपारा में ब्रांच खोलकर ‘फ्लोरा मैक्स’ कंपनी के इन शातिरों ने एक गहरी साजिश रची। ग्राम चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अपना निशाना बनाया गया।
- बैंक से दिलाया कर्ज: ठगों ने 10-10 महिलाओं के समूह बनाए और हर महिला के नाम पर 30,000 रुपये का बैंक लोन निकलवाया।
- मुनाफे का लालच: महिलाओं को झांसा दिया गया कि कंपनी उनके लिए दुकानें खोलेगी और हर महीने उन्हें 2,700 रुपये का निश्चित मुनाफा दिया जाएगा।
- कब्जाई पूरी कमाई: दुकानें तो खुलीं, लेकिन उससे होने वाली हर दिन की कमाई कंपनी के डायरेक्टर अखिलेश सिंह और उसके गुर्गों ने अपनी जेब में डाल ली।
- कर्ज के बोझ तले दबीं महिलाएं: महिलाओं को न तो वादे के मुताबिक 2,700 रुपये मिले और उल्टे बैंक के कर्ज की किस्त चुकाने का भारी बोझ उनके कंधों पर आ गिरा।
ऑपरेशन क्लीन हंट का चला डंडा: कहां से दबोचे गए आरोपी? -मामले की गंभीरता को देखते हुए धरमजयगढ़ पुलिस लंबे समय से इन फरार आरोपियों की तलाश में थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी और गिरोह के दो अहम मोहरों को धर दबोचा:
- श्याम सिंह राजपूत (50 वर्ष): चांपा (जिला जांजगीर-चांपा) के हथनेवरा इलाके से गिरफ्तार।
- बलराम बंजारा उर्फ बल्लू (36 वर्ष): पत्थलगांव (जिला जशपुर) के तिलडेगा का निवासी, जिसे खरसिया क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और पुलिस ने ठोस सबूतों के आधार पर उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मास्टरमाइंड और एजेंट पहले ही सलाखों के पीछे -इस महाठगी का पर्दाफाश 5 दिसंबर 2024 को तब हुआ था, जब चैनपुर की बाल कुमारी राठिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
- पुलिस ने सबसे पहले कंपनी की एजेंट मंजू चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके पास से ठगी के सारे दस्तावेज, रसीदें और रजिस्टर बरामद हुए थे।
- मुख्य सरगना और डायरेक्टर अखिलेश सिंह, राजू सिंह और गुड़िया देवी पहले से ही कोरबा जिले में एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में जेल की हवा खा रहे हैं। पुलिस ने वहां जाकर इनकी भी औपचारिक गिरफ्तारी कर ली है और कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।
SSP शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश: “बख्शे नहीं जाएंगे लुटेरे” -इस शानदार कामयाबी पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में धोखाधड़ी करने वालों की अब खैर नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:
“निवेश और रोजगार के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत ऐसे आर्थिक अपराधियों के खिलाफ हमारी धरपकड़ लगातार जारी रहेगी। आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले किसी भी सूरत में कानून के फंदे से बच नहीं पाएंगे।”
पुलिस टीम की अहम भूमिका : इस धारदार कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी और एसडीओपी श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगडे, एएसआई गंगाराम भगत, सुरेन्द्र वर्मा, राम संजीवन, प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी, आरक्षक ललित राठिया और इलियास केरकेट्टा ने दिन-रात एक कर अहम भूमिका निभाई।




