महासमुंद में ‘जीवनदायिनी’ बनी ‘नशादायिनी’ : एंबुलेंस से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, महाराष्ट्र के दो तस्कर गिरफ्तार…

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मरीज की जान बचाने वाली एंबुलेंस का उपयोग ‘मौत का सामान’ सप्लाई करने के लिए कर रहे थे। खल्लारी पुलिस ने नाकाबंदी कर एक बोलेरो एंबुलेंस से 20 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 लाख रुपये आंकी गई है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया जाल – पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा से एक एंबुलेंस भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर महाराष्ट्र की ओर रवाना हुई है। खल्लारी थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम चरौदा मोड़ के पास सघन नाकाबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध बोलेरो एंबुलेंस वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोक लिया।
महाराष्ट्र के तस्करों का ‘एंबुलेंस प्लान’ फेल – तलाशी के दौरान वाहन के पिछले हिस्से में रखी दो बोरियों से पुलिस ने 20 किलो गांजा बरामद किया। पकड़े गए आरोपी सलमान खान (26 वर्ष) और शिराज पठान (39 वर्ष) दोनों ही नागपुर, महाराष्ट्र के निवासी हैं। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने एंबुलेंस का सहारा इसलिए लिया ताकि पुलिस चेकिंग से बच सकें और आसानी से ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा पहुंचा सकें।
पुलिस ने जब्त किया सामान:
- गांजा : 20 किलोग्राम
- वाहन : बोलेरो एंबुलेंस
- नगदी : 6,800 रुपये
- अन्य : 2 मोबाइल फोन
महासमुंद पुलिस का ‘नशा मुक्ति’ अभियान : 2026 के चौंकाने वाले आंकड़े – महासमुंद जिला ओडिशा सीमा से लगे होने के कारण तस्करी का मुख्य रूट बनता जा रहा है, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने तस्करों की कमर तोड़ दी है। साल 2026 में अब तक की कार्रवाई के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं :

“नशे के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों का दुरुपयोग करने वालों पर और भी कड़ी नजर रखी जा रही है।” – पुलिस प्रशासन, महासमुंद




