खेत में पैदल चलने के विवाद में सिर पर प्राणघातक वार, आरोपी को 12 घंटे में दबोच लाई गुरूर पुलिस

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/गुरूर। जिले के गुरूर थाना क्षेत्र के बगदई गांव में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया, जब खेत में पैदल चलने को लेकर दो ग्रामीणों के बीच झगड़ा हो गया। आरोपी ने लाठी से बुजुर्ग की जानलेवा हमला कर दिया, लेकिन सतर्क पुलिस ने मात्र 12 घंटों के अंदर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह घटना स्थानीय किसानों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है।

मामले के अनुसार, 62 वर्षीय रामबाई साहू पति पुरुषोत्तम लाल साहू ने 17 मार्च 2026 को गुरूर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसी दिन सुबह करीब सात बजे रामबाई अपने पति पुरुषोत्तम के साथ चना-सरसों की फसल लाने खेत की ओर जा रहे थे। तभी पड़ोसी पुलस्तनंदन साहू ने रामबाई के खेत के चने में पैर रखने पर आपत्ति जताई। गुस्से में आकर उसने अश्लील गालियां बकते हुए हाथ में थमे बेर की लकड़ी के खूंटे से पुरुषोत्तम के सिर पर जोरदार प्रहार किया। हमले से पुरुषोत्तम गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें सीएचसी गुरूर पहुंचाया, जहां से धमतरी के क्रिश्चियन अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।
शिकायत पर पुलिस ने तत्काल धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बालोद एसपी योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर एएसपी मोनिका ठाकुर और एसडीओपी गुरूर माया शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील तिर्की की टीम ने एक्शन लिया। प्रभारी एसओसीयू ओसीन बजरंग के साथ घटनास्थल का मिनिट निरीक्षण किया गया। वहां से खून से सनी मिट्टी, सादी मिट्टी, खून लगे ईयरबर्ड और सादे ईयरबर्ड बरामद कर जप्त किए गए।
आरोपी पुलस्तनंदन साहू (45 वर्ष, पिता स्व. गयाराम साहू, निवासी ग्राम बगदई) को हिरासत में लेकर साक्ष्य अधिनियम 2023 की धारा 23(2) के तहत गुप्त कथन दर्ज किया गया। उसने कबूल किया कि अपराध में इस्तेमाल बेर की लकड़ी को रास्ते के खेत में फेंक दी थी। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। घायल पुरुषोत्तम से भी अस्पताल में पूछताछ कर बयान लिया गया, जिसमें आरोपी का अपराध सिद्ध हुआ। शाम सात बजे (22:00 बजे) आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी सुनील कुमार तिर्की के अलावा सहायक उपनिरीक्षक कुलेश्वर यादव, सहायक उपनिरीक्षक हरखराम बघेल, प्रधान आरक्षक वेदराम कोर्राम, प्रधान आरक्षक एवन साहू, आरक्षक कोमल साहू, आरक्षक विवेक सिन्हा, आरक्षक चंद्रकांत यादव, आरक्षक दिनेश नेताम और स्टॉफ थाना गुरूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि छोटे विवादों को थाने में सुलझाएं, ताकि ऐसी घटनाएं न हों। विवेचना जारी है।




