बालोद जिला चिकित्सालय में बुजुर्ग महिला की जांघ की टूटी हड्डी का किया गया सफल ऑपरेशन

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिला चिकित्सालय बालोद के कुशल चिकित्सकों ने समय पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधा प्रदान कर एक बुजुर्ग मरीज को नई जिंदगी दी है। बालोद विकासखंड के ग्राम खपरी निवासी 56 वर्षीय श्रीमती रामकली बाई की जांघ की हड्डी टूटने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां अस्थि रोग विशेषज्ञों ने 27 फरवरी को सफल सर्जरी कर उन्हें बड़ी राहत प्रदान की। मुख्य अस्पताल अधीक्षक आरके श्रीमाली के नेतृत्व में यह ऑपरेशन न केवल मरीज के लिए वरदान साबित हुआ, बल्कि सरकारी अस्पतालों की सक्षमता को भी रेखांकित करता है।
श्रीमती रामकली बाई के दायें जांघ की हड्डी टूट जाने के कारण उनके परिजनों ने 23 फरवरी को उन्हें जिला चिकित्सालय बालोद में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद मरीज की स्थिति का आकलन किया और उचित उपचार योजना तैयार की। मुख्य अस्पताल अधीक्षक आरके श्रीमाली के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में अस्थि रोग विशेषज्ञों ने गहन परीक्षण किया, जिसके परिणामस्वरूप 27 फरवरी को शुक्रवार के दिन सर्जरी का निर्णय लिया गया। यह प्रक्रिया मरीज की उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अत्यंत सावधानीपूर्वक संपन्न की गई।

ऑपरेशन की अगुवाई जिला चिकित्सालय बालोद के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज सोरी ने की, जिन्हें सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. एनके साहू और निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. अविनाश मण्डावी का पूर्ण सहयोग प्राप्त रहा। इस टीम ने मिलकर श्रीमती रामकली बाई के दायें जांघ की हड्डी का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया, जो जटिलता रहित रहा। मुख्य अस्पताल अधीक्षक आरके श्रीमाली ने बताया कि समयबद्ध जांच और समन्वित प्रयासों से मरीज को तत्काल राहत मिली है, तथा उनकी स्थिति अब स्थिर है। डॉक्टरों का कहना है कि उचित देखभाल से मरीज शीघ्र सामान्य जीवन में लौट सकेंगी।
सहायक स्टाफ की भूमिका
ऑपरेशन थिएटर में स्टाफ के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रीमती एस देवदास, श्रीमती एस नेताम, श्रीमती शिरीन, कुमारी पूर्णिमा, श्रीमती पिंकी, चैतराम, श्रीमती भगवती और कोमल आदि ने कुशलतापूर्वक सहायता प्रदान की। इनके समर्पण से सर्जरी सुचारू रूप से संपन्न हुई। जिला चिकित्सालय बालोद इस तरह के सफल मामलों से ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वास बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
यह घटना दर्शाती है कि ग्रामीण चिकित्सा संस्थानों में विशेषज्ञता और संसाधन उपलब्ध हैं, जो गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान हैं। श्रीमती रामकली बाई के परिजनों ने चिकित्सकों का आभार जताया।




