सूरजपुर

कानून का ‘हथौड़ा’ : हाईवे को बनाया था बर्थडे पार्टी का अड्डा, अब सलाखों के पीछे रईसजादे; पुलिस ने निकाला पैदल जुलूस…

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के रईसजादों को बीच सड़क पर ‘बर्थडे सेलिब्रेशन’ और गुंडागर्दी करना भारी पड़ गया है। सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर अंबिकापुर-बनारस स्टेट हाईवे को बंधक बनाने वाले 7 युवकों को पुलिस ने न सिर्फ गिरफ्तार किया, बल्कि उनका बीच शहर में पैदल जुलूस भी निकाला। कभी कार की बोनट पर केक काटकर ठसक दिखाने वाले ये युवक, अब सिर झुकाए हवालात की हवा खा रहे हैं।

मामला क्या है? (जश्न की सनक और जनता की आफत) : यह पूरी घटना 16 फरवरी की रात की है। अंबिकापुर के कुछ युवक सरगुजा-सूरजपुर सीमा पर स्थित एक ढाबे में पार्टी करने पहुंचे थे। जश्न का सुरूर ऐसा चढ़ा कि उन्होंने अंबिकापुर-बनारस स्टेट हाईवे पर अपनी गाड़ियां आड़ी-तिरछी खड़ी कर रास्ता जाम कर दिया।

  • करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम : युवकों ने कार की बोनट पर केक काटा और जमकर आतिशबाजी की।
  • एम्बुलेंस भी फंसी : वायरल वीडियो में एक एम्बुलेंस भी इस हुड़दंग के कारण जाम में फंसी नजर आई।
  • आधे घंटे तक बंधक रहा हाईवे : आम राहगीर परेशान होते रहे और ये युवक कानून की धज्जियां उड़ाते रहे।

पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और पैदल जुलूस : ​वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। सूरजपुर पुलिस की दो विशेष टीमों ने दबिश देकर 6 युवकों को अंबिकापुर और एक को लटोरी से दबोच लिया।

  • कारें जब्त : हुड़दंग में इस्तेमाल की गई 2 लग्जरी कारों को पुलिस ने सीज कर दिया है।
  • पैदल मार्च : पुलिस ने आरोपियों को सबक सिखाने के लिए कोतवाली थाने से कोर्ट तक उनका पैदल जुलूस निकाला, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।

कानूनी शिकंजा : आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 और 126 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

हाईकोर्ट की सख्ती का असर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में सड़कों पर होने वाली स्टंटबाजी और बर्थडे सेलिब्रेशन पर स्वतः संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने स्पष्ट कहा था कि:

  • ​पुलिस की कार्रवाई सिर्फ दिखावा न हो, बल्कि अपराधियों में डर पैदा करने वाली होनी चाहिए।
  • ​नियमों का सख्ती से पालन हो और बार-बार उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
  • ​मुख्य सचिव ने भी शपथ पत्र देकर प्रदेश के सभी SP और कलेक्टरों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया रील और दिखावे के लिए आम जनता की सुरक्षा और कानून को दांव पर लगा देते हैं।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!