नक्सलवाद के खात्मे की अंतिम रणनीति तैयार करेंगे अमित शाह : रायपुर आगमन पर भव्य स्वागत

रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज अपने निर्धारित तीन दिवसीय महत्वपूर्ण प्रवास पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उनकी अगवानी की और आत्मीय स्वागत किया। यह दौरा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
विमानतल पर हुआ भव्य स्वागत : अमित शाह के रायपुर पहुंचने पर छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ :
- केंद्रीय राज्य मंत्री : श्री तोखन साहू
- उपमुख्यमंत्री : श्री विजय शर्मा (गृह मंत्री)
- कैबिनेट मंत्री : गुरु खुशवंत साहेब
- सांसद : श्री संतोष पांडेय, श्री बृजमोहन अग्रवाल
- प्रशासनिक अधिकारी : मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम और रायपुर पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय दौरे का मुख्य एजेंडा : गृह मंत्री का यह दौरा सुरक्षा और विकास के दोहरे उद्देश्यों पर केंद्रित है। उनके कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं :
- नक्सल समीक्षा बैठक (8 फरवरी) : रविवार को अमित शाह एक मैराथन हाई-लेवल मीटिंग करेंगे। इसमें छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों (महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, मध्य प्रदेश) के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF, BSF) के कमांडर शामिल होंगे। बैठक का मुख्य फोकस नक्सली नेटवर्क के अंतिम गढ़ों को ध्वस्त करना है।
- छत्तीसगढ़@25 नेशनल कॉन्क्लेव : राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में भी गृह मंत्री शिरकत करेंगे, जहाँ वे राज्य के विकास के विजन पर चर्चा करेंगे।
- बस्तर पंडुम 2026 का समापन (9 फरवरी) : दौरे के अंतिम दिन श्री शाह बस्तर के जगदलपुर जाएंगे। वहां वे जनजातीय संस्कृति के महाकुंभ ‘बस्तर पंडुम’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
दौरे से पहले बड़ी सफलता : 51 नक्सलियों का सरेंडर – अमित शाह के रायपुर पहुंचने के कुछ ही घंटों पहले बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। सुकमा और बीजापुर जिले में कुल 51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसे नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में राज्य सरकार की पुनर्वास नीति की बड़ी जीत माना जा रहा है।




