बलौदाबाजार-भाटापारा

खूनी हाईवे : खुशियां मातम में बदलीं, लड़की देखकर लौट रहे 3 युवकों को अज्ञात काल ने कुचला…

बलौदाबाजार। जिले का नेशनल हाईवे 130 एक बार फिर बेगुनाहों के खून से लाल हो गया। कसडोल थाना क्षेत्र में रफ्तार के कहर ने एक ही गांव के तीन घरों के चिराग बुझा दिए। जो युवक कुछ घंटों पहले अपनों के लिए नई खुशियां (शादी का रिश्ता) तलाशने निकले थे, नियति ने उनके लिए मौत का जाल बिछा रखा था।

रिश्ता तय होने की उम्मीद थी, मिलीं तीन लाशें – ​जानकारी के मुताबिक, ग्राम तुरकीनडीह निवासी रथराम केंवट, दूरदशी केंवट और फिरतू केंवट बुधवार, 29 जनवरी को बाइक पर सवार होकर शादी के लिए लड़की देखने गए थे। लौटते वक्त सेल और छाछी गांव के बीच एक अज्ञात ‘कातिल’ वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि तीनों युवक फुटबॉल की तरह हवा में 30 फीट दूर उछलकर गिरे।

सड़क पर बिखरा खून, मौके पर ही थमीं सांसें – ​हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। सिर फटने और सीने में गंभीर चोट आने के कारण तीनों ने तड़प-तड़प कर मौके पर ही दम तोड़ दिया। हाईवे की डामर वाली सड़क खून से सनी थी, लेकिन टक्कर मारने वाला वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

पुलिस की रस्मी कार्रवाई या ठोस नतीजा? – घटना की सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अब हमेशा की तरह ‘CCTV फुटेज’ और ‘जांच जारी है’ का हवाला दे रही है। सवाल यह उठता है कि:

  • ​आखिर कब तक NH-130 पर बेखौफ दौड़ते अज्ञात वाहन काल बनते रहेंगे?
  • ​क्या पुलिस फरार हत्यारे चालक को सलाखों के पीछे पहुंचा पाएगी?

​आज पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों शव एक साथ तुरकीनडीह पहुंचेंगे, तो पूरे गांव में चूल्हे नहीं जलेंगे। इस दर्दनाक हादसे ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और हाईवे पर बेलगाम दौड़ते वाहनों पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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