रायगढ़

सावधान! बेटियों पर बुरी नजर डाली तो खैर नहीं; रायगढ़ पुलिस का राहुल सिंह पर पोक्सो एक्ट का प्रहार…

रायगढ़ ।  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अपराधियों और मनचलों के खिलाफ पुलिस ने अभियान छेड़ रखा है। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए पुसौर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। घर में घुसकर नाबालिग बालिका की अस्मत से खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

सूने घर में घुसकर की हैवानियत की कोशिश :घटना पुसौर थाना क्षेत्र की है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी राहुल सिंह (पिता मोहन सिंह, उम्र 26 वर्ष) पिछले काफी समय से पीड़िता का पीछा कर रहा था और आते-जाते उस पर अश्लील फब्तियां कसता था।

28 जनवरी की सुबह जब बालिका के माता-पिता साप्ताहिक बाजार गए हुए थे, तब आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से घर पर धावा बोला। उसने दरवाजा खटखटाया और जब बालिका बाहर आई, तो उसके पिता के बारे में पूछने लगा। जैसे ही उसे पता चला कि घर में बालिका अकेली है, उसने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं और बेइज्जती करने की नीयत से बालिका के साथ छेड़खानी शुरू कर दी।

दादी की सजगता से बचा बालिका का सम्मान – ​जब आरोपी अपनी घिनौनी हरकत को अंजाम दे रहा था, तभी बालिका ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया। शोर सुनकर पास ही मौजूद उसकी दादी मौके पर पहुँच गईं। बुजुर्ग महिला को आता देख आरोपी राहुल सिंह के पैर उखड़ गए और वह मौके से फरार हो गया। इसके बाद डरी-सहमी पीड़िता ने अपने माता-पिता के लौटने पर उन्हें आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला थाने तक पहुँचा।

पुलिस की ‘एक्शन मोड’ में कार्यवाही – ​एसएसपी रायगढ़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रामकिंकर यादव ने तत्काल टीम गठित की। पुलिस ने बिना समय गवाएं दबिश दी और आरोपी राहुल सिंह को घेराबंदी कर धर दबोचा।

आरोपी पर लगीं ये गंभीर धाराएं : पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी शिकंजा कसते हुए निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) : धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाना), 75(2) और 331(3)।
  • पॉक्सो एक्ट (POCSO) : धारा 8 (नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न)।

एसएसपी की सीधी चेतावनी : “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी” – इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा:

“रायगढ़ जिला पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। जिले में शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति लागू है। यदि कोई भी व्यक्ति किसी बालिका या महिला के साथ अभद्र व्यवहार करता है, तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। समाज की सहभागिता जरूरी है, डरे नहीं बल्कि पुलिस को सूचना दें।”

पुलिस टीम की भूमिका : इस त्वरित कार्यवाही में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव के साथ उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, एएसआई उमाशंकर नायक और हमराह स्टाफ की मुख्य भूमिका रही। आरोपी को आज स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

जनहित में जारी अपील : रायगढ़ पुलिस ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार होने पर तत्काल डायल 112 पर कॉल करें। आपकी एक सूचना किसी की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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